Untitled Document
  22 &08&10 && 28&08&10
The IT Post - News in IT Industry
 
Galgotia Institute of Technology
 
 
   
 
 

ऐसे जनादेश के बाद क्या अगली सरकार दबावमुक्त होकर स्वेच्छा से कार्य कर सकेगी?

 
 
   
  47
  107
Check Your Weekly Forecast
वेबसाइट देखी गई 318531 बार
ऋषिकेश में मानकों के विपरीत भवन निर्माण को हरिद्वार विकास प्राधिकरण नोटिस तो देता है पर इस दिशा में पहल के नाम पर मौन हो जाता है। यहां प्राइवेट के साथ कई सरकारी भवनों के खिलाफ भी नोटिस जारी हुए हैं लेकिन किसी किस्म की कार्रवाई होती कहीं नहीं दिखती
Welcome
तनाव से राहत के लिए महामेधा
 

धर्म जीना सिखाता है। सच्चा धर्मगुरु जीवन को सुख-शांति और रोशनी से भर देता है। धर्म को दुकान बनाने वाले बेशुमार धर्मगुरुओं के बीच श्री रामकृपाल जी रोशनी के ऐसे दिव्य पुंज हैं जिनके सान्निध्य मात्र से व्यक्ति के भीतर का अंधकार मिट जाता है। गहन ध्यान-साधना द्वारा प्राप्त ऊर्जा से ये कई चमत्कार भी करते हैं। मानव-जीवन के कष्टों को दूर कर उसके भीतर आनंद प्रवाहित करने का संकल्प लिए श्री रामकृपाल जी के उदात्त विचार

आकाश में ऊपर ऊंचाइयों तक उड़ सकते हैं। तब गुरुत्वाकर्षण की शक्ति आपके लिए उपयोगी बन जाती है। अगर आप उद्यम करते हैं, मनोबल और विचार शक्ति का प्रयोग करते हैं, तो सभी ग्रह आपके सहयोगी हैं, विरोधी नहीं। ये सारे भ्रम हैं। इसीलिए कहते हैं जिसका मनोबल ऊंचा होता है उसे और किसी चीज की जरूरत नहीं। नेपोलियन और हिटलर अपने मनन शक्ति के बल पर अपने हाथ की रेखाएं बदल देते थे। आपकी भी बदल सकते हैं। आप भी बदल सकते हैं अपनी जिंदगी। सिर्फ आपको अपने विचारों में परिवर्तन करने की विधि आ जाए। विचारों से परिर्वतन करने की तकनीक आ जाए। ग्रहों का प्रभाव १० प्रतिशत काम करता है ९० प्रतिशत विचारों की शक्ति काम करती है, आपका मनोबल काम करता है। मैंने एक महत्वपूर्ण सूत्र दिया आपको। हर दो-चार परिवार में एक व्यक्ति आपको मिल जाएगा, जो तनाव से ग्रसित होगा। तनाव एक मानसिक बीमारी है। जो चीज नहीं, मन उसको मान लेता है कि वह है और मन को महसूस भी होने लगता है। ये सारे नकारात्मक भाव, समस्त प्रकार के भय मनुष्य के चित्त में साकार हो उठते हैं। उसे ही तनाव कहते हैं। तनाव से मुक्त होने का सबसे प्रभावशाली उपाय है कि ऐसे व्यक्ति को सबसे पहले मेरे सम्पर्क में लाया जाय। ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में लाया जाए जो २४ द्घंटे हंसते हुए जीता हो। ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में लाया जाये जिसके जीवन में नाकारात्मकता आने से डरती हो, ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में जाया जाये जिसे न कहना आता ही नहीं तो, पहला उपाय ऐसे व्यक्ति को हंसी-खुशी के माहौल में लाया जाए। अगर कोई भी तनाव का मरीज मेरे पास आ जाए। दो-चार बार आ जायेगा तो मेरा सिद्ध वचन है कि उसका तनाव अपने आप खत्म होता चला जायेगा। उसे किसी डॉक्टर की जरूरत नहीं, एक बात। दूसरी बात, जिस परिवार का वह व्यक्ति है उस परिवार के लोग मानसिक रूप से, जिसके कहते हैं मैनटली, जिसको कहते हैं फीजियोथैरेपी, ऐसे व्यक्ति को फीजियोथैरेपी की जरूरत होती है। मानसिक रूप से उसे अपने विचारों में परिवर्तन करने की आवश्यकता होती है। आप द्घर के सदस्य उसको सहयोग दे सकते हैं। उसके मानसिक विचारों में परिवर्तन लाने की दिशा में। इसके अलावा उसे किसी ऐसे व्यक्ति से भी सहयोग दिलाए जो उसकी शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों का भी उपचार कर दें। सबसे बड़ा उपचार जो मैं देना चाहता हूं। अगर आप उसे उपलब्ध करा सकें तो उस व्यक्ति को महामेधा क्रिया या संजीवनी क्रिया, इन दोनों में से कोई भी एक क्रिया का अभ्यास अवश्य कराएं। सिर्फ २१ दिन लगातार सुबह या शाम को महा मेधा क्रिया या संजीवनी क्रिया का अभ्यास कराएं। और ये क्रिया सीखने के लिए श्री सिद्ध सुदर्शन धाम में पूरी व्यवस्था है। वहां पर योग्य प्रशिक्षक है जो प्रतिदिन सायंकाल ५ से ६ बजे तक उपलब्ध रहते हैं। किसी भी सप्ताह में दो दिन शनिवार व रविवार में आप सीखिए। ये क्रिया तनाव के लिए रामबाण औषधि है। इस क्रिया को श्री सिद्ध सुदर्शन धाम में सीख। सकता है वहां जाने पर संभावना है कि मुझसे मुलाकात भी हो जाएगी। और तनाव का समूल नाश हो सकता है और मैं उसमें सहयोग दूंगा। भगवान बुद्ध के पास एक व्यक्ति को ले जाया गया। वह अंधा था। भगवान बुद्ध से कहा कि आपके पास लाए हैं, कुछ चमत्कार करिए। भगवान बुद्ध ने कहा कि इसको किसी वैद्य या किसी चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। ये मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है पहले उसका मानसिक उपचार कराइए। पहले वह मानसिक रूप से स्वस्थ हो जाए तब इसका मानसिक विकास किया जा सकता है। बच्चा पहले स्वस्थ हो जाये तब उसे मैराथन के लिए तैयार किया जा सकता है। मानसिक रूप से स्वस्थ करने के लिए जरूरत है शारीरिक चिकित्सकी, मानसिक चिकित्सा की मन और शरीर दोनों एक साथ जुड़े हुए हैं। अगर कोई मानसिक रूप से ठीक नहीं है, तो उसमें शारीरिक रूप से कुछ कमियां हैं। एक तल पर विकार होता है। तो दूसरे पर भी संवेषित होता हैं। शरीर अस्वस्थ है तो मन पर भी उसका प्रभाव पड़ता है। एक ही चिकित्सा करेंगे तो दूसरा कैसे स्वस्थ होगा। शारीरिक एवं मानसिक उपचार के लिए मैंने आपको बताया कि दो विधियां हैं। इन दो विधियों का अगर २१ दिनों तक प्रयोग कर लें तो उसके बाद उस व्यक्ति में परिवर्तन आने शुरू हो जाएंगे। इस क्रिया को करने से पहले वह किसी चिकित्सक की सलाह लें। इस क्रिया को वही कर सकता है जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हो। तो, प्रथम चरण में जो काम वैद्य का, चिकित्सक का है वह वैद्य या चिकित्सक से ही कराना चाहिए। उसके बाद जब वह शारीरिक तल पर स्वस्थ हो जाए। फिर सद्गुरू का कार्य शुरू होता है। महामेधा क्रिया के द्वारा, संजीवनी क्रिया के द्वारा और मेरे सानिध्य के द्वारा और मेरे व्यक्तिगत सम्पर्क के द्वारा उसकी समस्या का समाधान किया जा सकता है। अगर मैं आप में से किसी के भी काम आ सकूं, इतनी ही मेरी कामना है इतनी सी मेरी इच्छा है, मात्र यही एक इच्छा मुझे इस शरीर से जोड़े हुए है और कोई इच्छा नहीं है क्योंकि मेरा मानना है कि आप सब अनावश्यक रूप से दुखी हैं। आपके दुख में जीने का तनाव मे जीने का, अशांति में जीने का कोई सही कारण नहीं है आप केवल अपनी नासमझी के कारण दुख में जी रहे हो यदि मैं अपने को दुखों से दूर कर सकता हूं, तो यहां बैठे एक-एक व्यक्ति अपने को दुखों से मुक्त कर सकता है। सिर्फ समझ की जरूरत है। मेरा मानना है कि धर्म सिर्फ समझ की क्रान्ति है। आपके भीतर जिंदगी के प्रति समझ पैदा हो जाए। आपके भीतर हंसते हुए जीवन जीने की समझ पैदा हो जाए। जीवन एक खेल है सिर्फ एक खेल। जिसमें बहुत उथल-पुथल, उतार-चढ़ाव है कितना महत्वपूर्ण सत्य है कि जीवन एक खेल है। मैं यहां पर कहना चाहता हूं यहां ५० साल, ६० साल के लोग आये हुए हैं, आप सिर्फ अपने जीवन के ५० महत्वपूर्ण कार्य लिखकर जाइयेगा। उन ५० महत्वपूर्ण बातों को लिखकर हमें दे जाइए। आपके छक्के छूट जाएंगे, पसीने छूट जाएंगे। ५० महत्वपूर्ण बातें ५० साल की जिंदगी में नहीं मिलेगी आपको। आप करने की कोशिश करेंगे, आप लिखने की कोशिश करेंगे और आप हैरान हो जायेंगे। ५० साल की जिंदगी में ५० बातें आप लिख नहीं पा रहे हैं। एक दिन की जिंदगी उसको आप इतना महत्वपूर्ण मान लेते हैं। उस दिन की द्घटनाओं को कि आज के दिन का हर कार्य उसको आप इतना महत्वपूर्ण मान लेते हैं, आपकी जिंदगी नरक हो जाती है।
 
Logout  
Untitled Document
 
शहर के सुनियोजित विकास के लिए बने हरिद्वार विकास प्राधिकरण को देखकर लगता है कि अब यह अप्रासांगिक हो गया है। प्राधिकरण में ध्वस्तीकरण एवं काम रोको आदेश की फाइलों का अम्बार लगा है। अब उन पर धूल की परत
 
गांधीजी मुझे इसीलिए याद आए। उनके द्वारा संपादित समाचार पत्रों का प्रसार मात्र कुछ हजार होता था लेकिन उनका
 
रतन टाटा के रिटायर होने से पहले टाटा ग्रुप की शान में चार चांद लग गया है। टाटा ग्रुप भारत की सबसे अमीर कंपनी बन गई है।
 
बिहार विधानसभा चुनाव होने में चंद महीने रह गये हैं। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
 
उत्तराखण्ड गठन के बाद से ही प्रदेश को अमीरजादों की ऐशगाह बनने से रोकने और पहाड़ियों को उनकी ही जमीन से बेदखल करने की प्रवृति पर अंकुश लगाने
कुमाऊं मंडल के कपकोट तहसील स्थित सुमगढ़ गांव वालों के लिए १८ अगस्त को आसमान से तबाही बरसी। सुबह आठ बजे इस गांव में बादल फटने से एक
ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए सहकारी बैंक एवं समितियां उत्तराखण्ड में किसानों को लाभ देने के बजाय राजनेताओं के
 
लगभग दो साल की जद्दोजहद के बाद उत्तराखण्ड सरकार ने अपनी बहुप्रतिक्षित वॉल्वो बस सेवा शुरू कर ही दी। यह बसें
रूस के जंगलों में लगी आग दुनियाभर के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। आग से अब तक करीब पचास से अधिक लोगों की जानें जा
 
हिन्दी में लद्घु पत्रिकाओं की संख्या अब सैकड़ों की सीमा पार कर गई है। मेट्रो नगरों की तो बात ही क्या मंझले और
 
बुढ़िया द्घर को बड़ा साफ रखा करती थी। इसलिये सत्या और सव्यसाची को दो जोड़ी चप्पल रखने पड़ते थे।
 
धर्म जीना सिखाता है। सच्चा धर्मगुरु जीवन को सुख-शांति और रोशनी से भर देता है। धर्म को दुकान बनाने वाले बेशुमार
 
कॉमनवेल्थ गेम्स के होने में कुछ ही दिन बाकी हैं। हमारे खिलाड़ी अपने- अपने खेल की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
The IT Post - News in IT Industry
Untitled Document