उत्तराखण्ड गठन के बाद से ही प्रदेश को अमीरजादों की ऐशगाह बनने से रोकने और पहाड़ियों को उनकी ही जमीन से बेदखल करने की प्रवृति पर अंकुश लगाने की नीयत से कड़ा भू-अध्यादेश कानून बनाया गया जिसके चलते मूल उत्तराखण्डियों को छोड़ अन्य कोई राज्य में मात्र सवा नाली भूमि ही खरीद सकता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा हो रहा है? 'पहाड़ी जमीन बाहरियों ने लूटी' श्रृंखला के |