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  20-05-12 -- 26-05-12
The IT Post - News in IT Industry
 
 
 
 
   
 
 
 

ऐसे जनादेश के बाद क्या अगली सरकार दबावमुक्त होकर स्वेच्छा से कार्य कर सकेगी?

 
 
   
 
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उत्तराखण्ड के हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय
 
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  डेढ़ माह से जारी आंदोलन
   
 
नैनीताल। जिले में स्थित मोहान दवा फैक्ट्री में श्रमिक अपने हक के लिए पिछले डेढ. माह से संद्घर्ष कर रहे हैं। श्रमिक कंपनी द्वारा संविदा पर काम कराए जाने के विरोध में हैं। इस आंदोलन में मजदूरों के साथ खड.े क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के कार्यकर्ता मुनीष कुमार ने बताया कि पिछले साल एक आरटीआई से यह बात सामने आई
 

कि फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार मिलकर मजदूरों के हक के पीएफ, बोनस, ईएसआई आदि में द्घोटाला कर रहे हैं। इस पर श्रमिक आंदोलन पर चले गए। इसके बाद एसडीएम सल्ट और एसओ भतरौंजखान की अध्यक्षता में श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता हुआ। जिसमें ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने और मजदूरों को उनके लिए निर्धारित सभी सुविधाएं देने की बात कही गई। इसके बाद मजदूर काम पर लौट गए। लेकिन मार्च २०१२ में प्रबंधन समझौते से मुकर गया। इसका प्रमाण समाचार पत्र में दिया गया विज्ञापन है। कंपनी में संविदा के आधार पर फिर से काम शुरू होने की खबर सुनकर श्रमिक एक बार फिर आंदोलन में उतर आए। ७ अप्रैल से श्रमिक कंपनी के सामने धरना दे रहे हैं। श्रमिकों की मांग हैं कि नवंबर २०११ में हुए समझौते को लागू किया जाए। डिप्टी मैनेजर अधिकारी के मुताबिक नवंबर २०११ में एसडीएम सल्ट और एसओ भतरौंजखान के साथ मजदूरों को ३१ मार्च २०१२ तक काम पर रखने का निर्णय हुआ था। अब वो हमारे कर्मचारी नहीं हैं। प्रबंधन की गुंडागर्दी की बात एकदम बकवास है। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के कार्यकर्ता मनीष कुमार ने बताया कि मैनेजमेंट गुंडागर्दी पर उतारू है। स्थाई कर्मचारियों के साथ मिलकर वह आंदोलन पर बैठे श्रमिकों को परेशान कर रहे हैं। जब तक पुराने समझौते को लागू नहीं किया जाता तब तक यह लड.ाई जारी रहेगी। मोहान दवा फैक्ट्री के मार्केटिंग मैनेजर आरवी चौधरी का कहना है कि संविदा के आधार पर काम कराने का फैसला सरकारी नियमों के अनुसार लिया गया है। इस पर बदलाव करना अब कंपनी के हाथ में नहीं है। श्रमिकों को उनका हक दिलाने के लिए कंपनी हमेशा उनके साथ है। श्रमिकों को ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर कराकर कानूनी तरीके से अपनी लड.ाई लड.नी चाहिए।

   
  दुर्द्घटना के बाद जगा प्रशासन
   
 
उधमसिंह नगर। बीते १० मई को ईंटों से ओवर लोड हुई ट्रॉली ट्रैक्टर ने उधमसिंह नगर के सितारगंज स्थित एक छोटे से गांव भौनी में तीन भाइयों को कुचल दिया था। जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस द्घटना के बाद से प्रशासन हरकत में आ गया जिसका असर ११ मई को साफ दिखा। परिवहन अधिकारी ने अपने पूरे दल के साथ बिना कागजात चल रहे एवं ओवरलोड हुए वाहनों की धरपकड. की। गौरतलब है कि १० मई को उत्तर प्रदेश की
  सीमा से लगे ग्राम भौनी अमरिया जिला पीलीभीत निवासी धीरेंद्र (१८), कमल (१४) और
प्रेमपाल (१३) को ईंटों से भरे एक ट्रैक्टर ने रौंद दिया था।
   
  पार्किंग में तब्दील हुआ चौराहा
   
 
चंपावत। जिले के लोहाद्घाट शहर का एक मात्र गांधी चौक अब पार्किंग में बदलता जा रहा है। इसके पास ही अस्पताल, स्कूल, बैंक और पोस्टऑफिस हैं। इसके अलावा कई दुकानें भी हैं। इन जगहों पर आने वाले लोग अपने वाहनों को रास्ते में ही खड.ा कर देते हैं। इस कारण इस चौराहे में काफी
  भीड. लग जाती है और यहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों और बीमार व्यक्तियों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा आस-पास के दुकानदार भी इन गाडि.यों के यहां खड.े होने से खासे प्रभावित होते हैं। इसको लेकर कई बार नगर पंचायत से शिकायत भी की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब आस पास के दुकान वालों में बहुत आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने यहां गाडि.यों का खड.ा होना बंद नहीं करवाया तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
   
  व्यापार प्रतिनिधियों ने ली शपथ
   
 
उधमसिंह नगर। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह जसपुर में १४ मई को आयोजित किया गया। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड मंडी परिषद के अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक डॉ ़ शैलेन्द्र मोहन सिंद्घल ने किया। इस मौके पर व्यापार प्रतिनिधि मंडल से अनिल गोयल, उमेश
अग्रवाल, अश्वनी छाबड़ा आदि भी उपस्थित थे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने नव निर्वाचित स्थानीय इकाई के अध्यक्ष त्रिलोक अरोरा, उपाध्यक्ष शाह माहेम्मद, महामंत्री अनुराग अग्रवाल, कोषाध्यक्ष वसीम अहमद एवं संगठन मंत्री विमल अग्रवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि डॉ ़ शैलेन्द्र मोहन सिंद्घल अन्य ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुये कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करना इकाई का मुख्य उद्देश्य होना चािहये। इस अवसर पर राजीव द्घई, बाबू लाल गुप्ता, अजय अग्रवाल, निकेश अग्रवाल, दीपक वर्मा, डॉ ़ एम ़पी ़सिंह, डॉ ़ दिनेश कौशिक, तरूण बसंत, मौ ़ यामिन, हरिओम अरोरा, हरगोविन्द प्रसाद सिंद्घल, पुष्पन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
 
गणित विभाग सील
 
पौड़ी गढ़वाल। सेशनल परीक्षा कापियों के साथ छेड़-छाड़ की आशंका को लेकर छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन से १५ मई को शिकायत की। इसको देखते हुए १६ मई को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रशासन ने गणित विभाग को सील कर दिया। छात्रों ने गणित के एक प्राध्यापक पर
सेशलन परीक्षा में पक्षपात करने का आरोप लगाया था। इस पर प्राचार्या डॉ कुमकुम रौतेला ने छात्रों को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
 
स्काउट प्रमाण पत्र
 
हरिद्वार। कैंट बोर्ड स्कूल में १५ मई को स्काउट प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का अयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य नेत्रपाल वर्मा ने कहा कि बच्चों में स्काउट से समानता का भाव उत्पन्न होता है और उनमें सेवा भाव का संचार होता है। इसलिए बच्चों को गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना
चाहिए। साथ ही प्रधानाचार्य ने स्काउट के प्रथम चरण के प्रमाणपत्र वितरित किए।
 
रामदेव के आंदोलन की तैयारी
 
चंपावत। व्यवस्था परिवर्तन, भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ दिल्ली में ३ जून से बाबा रामदेव की अगुवाई में होने वाले धरना प्रदर्शन में जनपद के भी लोग भारी तादात में शिरकत करेंगे। इस संबंध में पतंजलि योग समिति तथा स्वाभिमान मंच के सहयोग से एक बैठक का
आयोजन किया गया। इसमें कहा गया कि ब्लॉक स्तर पर लोगों को तैयार करने की जरूरत है। २० मई को पाटी, २२ को बाराकोट और लोहाद्घाट में बैठक करने के बाद २७ को चंपावत में फाइनल कार्यक्रम तय होगा।
 
शिकायत से बौखलाई महिला चिकित्सक
 
उत्तरकाशी। प्रदेश में डॉक्टरों के साथ मरीजों के परिजनों के गलत व्यवहार की खबरें तो आए दिन सुनने को मिलती रहती हैं और इसको रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम भी उठाए हैं। लेकिन मरीजों के साथ डॉक्टरों की बदसलूकी की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। उत्तरकाशी जनपद के पुरोला में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दिनों एक ऐसी ही
द्घटना हुई जिसमें एक महिला डॉक्टर ने अपने पेशे को शर्मशार किया। इस स्वास्थ्य केंद्र में १०० किमी दूर से प्रसव करवाने पहुंची एक महिला को इस चिकित्सक ने प्रसव के तुरंत बाद ही अस्पताल से बाहर करवा दिया। मोरी प्रखंड के गंगाड निवासी बनासी देवी १५ मई की शाम अस्पताल पहुंचीं। प्रसव पीड.ा से परेशान बनासी देवी की डिलीवरी के लिए डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे। जिस कारण बनासी का प्रसव डॉक्टर की अनुपस्थिति में ही हुआ। इसके बाद १६ मई की सुबह जब डॉक्टर अस्पताल पहुंची तो बनासी के साथ आए उनके पति चंदराम ने डॉक्टर से इस बात की शिकायत की। इससे भड.की महिला चिकित्सक ने बनासी और उसके पति को नवजात के साथ ही अस्पताल से बाहर करवा दिया। महिला डॉक्टर का ये कदम बनासी और उसके बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकता था। फिलहाल इसकी शिकायत नायब तहसीलदार से कर दी गई है। हद तो तब हुई जब तहसीलदार के तलब करने पर भी ये महिला चिकित्सक उनके पास नहीं पहुंची। पीडि.त परिवार द्वारा लिखाई गई तहरीर के आधार पर नायब तहसीलदार बीएस कलूडा ने पूरे मामले की जांच के आदेश पटवारी खाबली को दे दिए हैं। डॉक्टर की इस अभद्रता का मामला इतना संगीन है कि स्वयं प्रदेश के स्वास्थ मंत्री सुरेंद्र नेगी ने मामले को गंभीरता से लिया है और डीजी हेल्थ को इसकी जांच के आदेश दिए हैं। डॉक्टर का पक्ष लेते हुए सीएमओ का कहना है कि लोग काम करने वाले डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं और मीडिया ऐसे मामलों को अनायास ही तूल देता है।
 
बूढ़ी गायों को आश्रय
 
नैनीताल। उत्तराखण्ड में बूढ़ी और निराश्रित गायों को अब लाचार नहीं रहना पड़ेगा। राज्य के हल्दूचौड़ स्थित नित्यानंद आश्रम एवं राधा कृष्ण मंदिर के व्यवस्थापक रामेश्वर दास ने इस तरह की गायों की देखभाल की जिम्मेदारी ली है। आश्रम सन्‌ १९९१ से इस काम को अंजाम
दे रहा है। शुरू में ६ गायों की देखभाल से शुरू किये गये गो वंश रक्षा अभियान का ही प्रतिफल है कि आज इस आश्रम में ४०० गायें हैं। खास बात यह है कि आश्रम में गायों के गोबर से विद्युत उत्पादन, गो मूत्र से औषधि बनाने, गुरुकुल पद्धति से विद्यालय का संचालन, गरीब कन्याओं का विवाह जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा यहां वृद्धों के लिए एक वृद्धाश्रम भी है। आश्रम के अनुसार अभी तक १६ गरीब कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है। इसके अलावा निराश्रित व वृद्ध महिलाओं को भी आश्रय देने के लिए आश्रम द्वारा प्रयास किये गये हैं।
 
पिरुल से कोयल बनाने की कोशिश
 
उत्तरकाशी। अब पिरुल से कोयला बनाने की यूनिटें पूरे प्रदेश में लगाई जाएंगी। प्रथम चरण में प्रदेश में इसकी ६ यूनिटें स्थापित होंगी। जिसे बाद में और बढ.ाया जाएगा। यह जानकारी उत्तरकाशी जनपद के पुरौला क्षेत्र में १५ मई को भ्रमण पर आए प्रमुख वन संरक्षक आरबीएस रावत ने दी। उन्होंने बताया कि गर्मियों के मौसम में जंगलों में लगने
वाली आग का प्रमुख कारण पिरुल है। इसका कारण है कि पिरुल गिरने पर जंगलों में नई द्घास नहीं उग पाती है। इस कारण स्थानीय लोग पशुओं के चारे के लिए गिरे पिरुल के ढेर में आग लगा देते हैं।
प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि जंगलों से पिरुल को एकत्र कर आग लगने की द्घटनाओं को रोका जा सकेगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में ६ यूनिटें स्थापित की जाएंगी। जिससे लगभग ५० मेगावाट बिजली का उत्पाद किया जा सकेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आग लगने की द्घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश भर में ३८ मास्टर कंट्रोलरूम बनाए गए हैं, जिनसे ११५१ क्रू स्टेशन जोड.े गए हैं। रावत ने बताया कि सेन्चुरी क्षेत्र में ११४ पैदल मार्ग हैं जिनकी मरम्मत एवं सुधारीकरण की जरूरत है। ज्ञात हो कि प्रदेश में ६ लाख हैक्टेअर चीड़ वन हैं जिनसे लगभग २० लाख टन चीड की पत्तियां गिरती हैं जिसे पिरुल कहा जाता है।
 
भाजपा विधायकों ने की समीक्षा
 
बागेश्वर। जनपद में भाजपा की जिला कार्यकारिणी बैठक हुई। इसमें कपकोट विधानसभा से भाजपा की हार की समीक्षा की गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश महामंत्री सुरेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार कुछ दिनों की मेहमान है इसलिए कार्यकर्ता फिर से चुनावों के लिए तैयार रहें। पूर्व मंत्री बलवंत सिंह
भौर्याल ने सदस्यता अभियान चलाकर अब तक हुई गलतियों से सबक लेने को कहा।
 
त्वचा रोगियों का निःशुल्क उपचार
 
पौड़ी गढ़वाल। त्वचा रोगियों के लिए १३ मई को श्रीनगर के मधुर नर्सिंग होम में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल १७० त्वचा रोगियों का परीक्षण कर उनका निशुल्क उपचार किया गया। सिपला मेडिसन कंपनी के सहयोग से रोगियों को निशुल्क दवाइयां भी दी गयीं। डॉ प्रदीप सेठी ने कहा कि इस
शिविर में सोरियासिस और चेहरे पर छाइयां तथा एग्जिमा के रोगी ज्यादा मिले हैं।
 
वैज्ञानिक तरीके से कूड़े का निस्तारण
 
देहरादून। नगरपालिका परिषद के तत्वावधान में आयोजित नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला में सफाई कर्मचारियों को सफाई करने के आधुनिक तरीकों के साथ ही कूड़ा निस्तारण के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट निस्तारण विशेषज्ञ विपिन कुमार ने बताया कि सफाई
कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक परिवार और दुकान वालों से गीले और सूखे कूड़ों को अलग -अलग थैले में एकत्रित कराने होंगे। ऐसे में कूड़े के सही तरीके से निस्तारण में आसानी होगी। कर्मचारी वैज्ञानिक तरीके से कार्य करेंगे तो उनका समय और मेहनत दोनों बचेगा और शहर को साफ भी रखा जा सकेगा।
 
अधर में कोली ढेक झील
 
चंपावत। एक परियोजना जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिलता और क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ.तीं। लेकिन सुस्त प्रशासनिक गति और लचर राजनीतिक इच्छा शक्ति के कारण अधर में लटकी हुई है। हम बात कर रहे हैं चंपावत के लोहाद्घाट से दो किलोमीटर दूर प्रस्तावित कोली ढेक
झील की। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी ने वर्ष २००७ में इस झील के निमार्ण कार्य का शिलान्यास किया था। इसके तुरंत बाद निर्माण कार्य के लिए राशि भी आवटित की गई। कार्य शुरू भी हुआ। यहां तक की इस निर्माण से प्रभावित हो रहे ग्रामीणों के मुआवजे की लिस्ट भी तैयार कर ली गई। लेकिन जैसे ही खण्डूड़ी मुख्यमंत्री पद से हटे इस झील का काम बंद हो गया जो कि अब तक शुरू नहीं हो सका है। खंडूडी ने इस झील के शिलान्यास के समय अपने भाषण में कहा था कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, नगर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में लिफ्ट से जलापूर्ती होगी। पर्यटन को बढ.ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन झील का कार्य इतने दिनों से ठप होने के कारण विकास का सपना देख रहे ग्रामीण अब आक्रोशित हैं। चंपावत जिलाधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि कोली ढेक झील पर हमने दो बार रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। लेकिन उसके लिए अभी तक धन जारी नहीं किया गया है। इस झील के बनने में अभी थोड.ा समय और लगेगा। उधर लोहाद्घाट के एसडीएम बीएल फिरमाल का कहना है कि यह मामला प्रगति पर है। निर्माण प्रक्रिया काफी दिन पहले ही शुरू हो चुकी थी।
 
नई टै्रफिक व्यवस्था
 
उधमसिंह नगर। जिले के काशीपुर नगर में बढ.ते ट्रैफिक को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इससे प्रशासन की तारीफ तो हुई लेकिन कुछ लोग इस नई व्यवस्था से नाराज भी दिखे। बाजपुर रोड स्िथत रोडवेज बस स्टैंड से डिग्री कॉलेज होते हुए आलू फार्म तक जाने वाले मार्ग में टैक्सी चलाने वाले चालकों ने तो इस नई ट्रैफिक
व्यवस्था के खिलाफ हड.ताल ही कर दी है। उनका कहना है कि पुलिस ने जहां से टैक्सी चलाने का आदेश दिया है वहां पहले से ही बस स्टैंड है। इससे उन्हें सवारी नहीं मिलेगी। इस हड.ताल का प्रभाव १० मार्च को देखने को मिला जब डिग्री कॉलेज परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को कई
किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड.ा। नई व्यवस्था के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी के निर्देश पर कोतवाल जेपी जुयाल ने १० मार्च से टैम्पो, विक्रम व प्राइवेट बसों के अड्डों को परिवर्तित कर दिया। इनमें नगर के मुख्य चौराहे पर बने काशीपुर से रामनगर चलने वाली प्राइवेट बसों के हॉल्ट को गहतौड.ी अस्पताल के पास पहुंचा दिया गया है। इन परिवर्तनों को लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह सिपाहियों को भी तैनात किया है।
 
जल्द मिलेंगी १८० नई बसें
 
देहरादून। परिवहन निगम में बसों की कमी जल्द ही पूरी होने के आसार हैं। संचालन जीएम आशीष कुमार ने बताया कि महीने के आखिर तक निगम को १८० नई बसें मिल जाएंगी। इनमें से करीब १३० बसें निगम की वर्कशॉप में पहुंच चुकी हैं। जहां से प्रारंभिक जांच के बाद इन्हें सड.कों पर उतार दिया जाएगा। बसों के नए बेड.े में से चालीस बसें हाइटेक हैं जिनका संचालन दिल्ली, गुड.गांव, नैनीताल, धर्मशाला के लिए किया जाएगा। इस समय चार धाम यात्रा अपने चरम पर है। यात्रियों के लिए बसों का नया बेड.ा खुशखबरी जैसा ही है।
 
 
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भ्रष्टाचार रूपी दीमक खास और आम, दोनों को अपनी चपेट में ले चुका है। सरकारी दफ्तरों के चपरासी, बाबू से लेकर अफसर हों
 
प्रेम और युद्ध एतिहासिक होते है। उनको करने वाला भी। लेकिन कोई चुम्बन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाए, ऐसा
 
उत्तराखण्ड में नौकरशाहों पर लगाम लगाना किसी भी सरकार के लिए कठिन चुनौती रहा है। पूर्व न्यायधीश के मुख्यमंत्री बनने
आय के कोई नए साआँान नहीं, बकायेदारों से वसूली की कोई योजना नहीं। कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं, मगर नगर
`
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से चौतरफा द्घिरे पूर्व सीएम निशंक उत्तराखण्ड विआँाानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पाना
नैनीताल। जिले में स्थित मोहान दवा फैक्ट्री में श्रमिक अपने हक के लिए पिछले डेढ. माह से संद्घर्ष कर रहे
 
डॉ अजीज कुरैशी ने १५ मई को राजभवन में राज्यपाल पद की शपथ ली। उत्तराखण्ड के मुख्य न्यायाधीश बारन द्घोष ने
ऊआँामसिंहनगर के रामनगर (रुद्रपुर) में स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामसुमेर शुक्ला के द्घर जन्मे राजेश
कर्नाटक भाजपा सरकार पर जारी संकट पर फिलहाल विराम लग गया है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने १४ मई को
भारत के मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर पिल्लई ने ६३ साल पहले १९४९ में एक कार्टून 'स्नेल्पेस' (द्घोंद्घे की
आँार्म जीना सिखाता है। सच्चा आँार्मगुरु जीवन को सुख, शांति और रोशनी से भर देता है। आँार्म को दुकान बनाने वाले बेशुमार
फिलहाल इंडियन प्रीमियर लीग की चमक-दमक और ग्लैमर का जादू देश के सिर चढ़ कर बोल रहा है। इसी बीच लंदन में जुलाई से
उत्तराखण्ड में अभी तक उत्तर प्रदेश की तरह एनआरएचएम द्घोटाला उजागर नहीं हुआ है, लेकिन इस छोटे से प्रदेश की