बीते लोकसभा चुनाव 2024 में विपक्षी पार्टियों ने भाजपा और पीएम मोदी को पटखनी देने के लिए ‘इंडिया अलायंस’ नाम से गठबंधन बनाया जिसमें कुछ हद तक विपक्ष को कामयाबी भी मिली। लेकिन चुनाव परिणामों के बाद कई सहयोगी पार्टियों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। आलम यह है कि अब यह गठबंधन रसातल में नजर आ रहा है। अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इसे लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ को बचाना मेरी और ममता बनर्जी की जिम्मेदारी नहीं है।

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद उमर ने साफ तौर पर कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ की मजबूती की पहली जिम्मेदारी कांग्रेस की बनती है। हमें अफसोस है हम मिलते नहीं हैं। इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ‘इंडिया अलायंस’ खत्म हो गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस गठबंधन में सबसे बड़ा दल है। कुछ समय पहले गठबंधन के वजूद को लेकर अरविंद केजरीवाल से भी सवाल पूछा गया था कि यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए था? इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने बिहार चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले हरियाणा और दिल्ली चुनाव में भी ‘इंडिया अलायंस’ में खटपट देखी गई थी। ऐसे में साफ है कि अब गठबंधन का वजूद लगभग खत्म हो गया है।

