बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद बीसीसीआई ने 16 अप्रैल 2025 को टीम इंडिया के सहायक कोच अभिषेक नायर, फील्डिंग कोच टी. दिलीप और फिटनेस कोच सोहम देसाई को हटा दिया। बोर्ड ने ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता भंग होने और प्रदर्शन में गिरावट को इस कार्रवाई का आधार बताया है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 16 अप्रैल 2025 को एक निणार्यक कदम उठाते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़ा फेरबदल किया है। हाल ही में सम्पन्न बॉडर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की करारी हार और टीम के भीतर फैले असंतोष के मद्देनजर यह कार्यवाही की गई।

बीसीसीआई ने सहायक कोच अभिषेक नायर, फील्डिंग कोच टी. दिलीप और फिटनेस कोच सोहम देसाई को उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया है। बोर्ड के मुताबिक, यह कदम टीम के प्रदर्शन में गिरावट, ड्रेसिंग रूम से संवेदनशील जानकारी लीक होने और तय कार्यकाल की समाप्ति के बाद उठाया गया है। कार्रवाई के पीछे सबसे प्रमुख कारण हालिया टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के विरुद्ध। बोर्ड का मानना है कि कोचिंग स्टाफ अपने दायित्वों को लेकर प्रभावी साबित नहीं हो पाया। इसके साथ ही टीम से जुड़ी गोपनीय जानकारी मीडिया में लीक होने की घटनाओं ने ड्रेसिंग रूम में अविश्वास का वातावरण बनाया। हालांकि कहां है अभी जा रहा है कि टी. दिलीप और सोहम देसाई तीन वर्ष की निधार्रित सेवा अवधि पूरी कर चुके थे। इस नीति के तहत उनके अनुबंधों को नवीनीकृत नहीं किया गया।

खेल जगत में छाई खबरों के अनुसार बोर्ड का क्रिकेट कंट्रोल जल्द ही नए सहायक और फील्डिंग कोचों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा। अस्थायी तौर पर फील्डिंग कोच की भूमिका रेयान टेन डोशेटे निभाएंगे, जबकि दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी ट्रेनर एड्रियन ले रूक्स को फिटनेस कोच के रूप में लाया गया है।
गौरतलब है कि बोर्ड ऑफ क्रिकेट कंट्रोल द्वारा कोचिंग स्टाफ पर कठोर निर्णय पहली बार नहीं लिया गया है। पूर्व में भी ऐसे कई अवसर आए जब प्रदर्शन के आधार पर तत्काल निर्णय लिए गए। 2007 विश्व कप में भारत की शुरुआती हार के बाद कोच ग्रेग चैपल ने इस्तीफा दिया था। 2017 में कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद के चलते कुंबले को पद छोड़ना पड़ा। 2019 में वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार के बाद बल्लेबाजी कोच संजय बांगर को हटाया गया था।
अब भारतीय टीम को आगामी इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की घरेलू श्रृंखला की तैयारी करनी है, जो जून 2025 से शुरू होगी। बीसीसीआई का यह निर्णय टीम में अनुशासन, एकता और प्रदर्शन के स्तर को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

