बाॅलीवुड की बेबो यानी करीना कपूर खान ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने पच्चीस साल पूरे कर लिए हैं। साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से शुरुआत करने वाली करीना ने इन वर्षों में न सिर्फ खुद को एक ग्लैमर गर्ल के रूप में स्थापित किया, बल्कि एक सशक्त अदाकारा और स्टाइल आइकाॅन के रूप में भी पहचान बनाई। करीना ने रोमांस, काॅमेडी, थ्रिलर, हर रंग के सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसके साथ ही करीना सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर बोलती हैं। महिलाओं के अधिकार, मानसिक स्वास्थ्य और बाॅडी पाॅजिटिविटी जैसे मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां हमेशा चर्चा का विषय रही हैं। एक महिला अभिनेत्री के तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में पच्चीस वर्ष पूरे करना एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसी उपलब्धि बाॅलीवुड की नई और पुरानी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
विरासत से अलग पहचान

करीना बाॅलीवुड के प्रतिष्ठित कपूर खानदान राज कपूर की पोती और रणधीर कपूर की बेटी हैं। उनका फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना आसान था लेकिन उन्होंने परिवार की विरासत के भरोसे कभी अभिनय नहीं किया। हर फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि वह केवल ‘कपूर’ नाम से नहीं अपने टैलेंट से पहचान रखती हैं। करीना अपने फिल्मी करियर की शुरआत फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से की थी। यह फिल्म भले ही बाॅक्स आॅफिस पर औसत रही लेकिन उनकी दमदार उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा। इसके बाद ‘कभी खुशी, कभी गम’, ‘मुझसे दोस्ती करोगे’, ‘एतराज’, ‘हलचल’, ‘ओमकारा’ जैसी फिल्मों में करीना ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। 2007 में आई ‘जब वी मेट’ करीना के करियर की सबसे बड़ी टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया ‘गीत’ का किरदार आज भी दर्शकों के दिल में बसा हुआ है। यह फिल्म न सिर्फ हिट हुई, बल्कि करीना को बेस्ट अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवाॅर्ड भी दिलाया। उन्होंने केवल व्यावसायिक फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। ‘चमेली’ जैसी फिल्म में सेक्स वर्कर का किरदार निभाया, फिल्म ‘हीरोइन’ में एक स्टार अभिनेत्री के गिरते करियर का मानसिक संघर्ष और ‘तलाश’ में एक आत्मा का रहस्यमय किरदार निभाकर अपने कौशल का लोहा मनवाया।
शादी, मातृत्व और करियर का संतुलन
करीना कपूर ने 2012 में सैफ अली खान से शादी की उसके बाद उनके दो बच्चे तैमूर और जेह हुए। मां बनने के बाद भी करीना ने अपने करियर को कभी पीछे नहीं छोड़ा। वे उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने मातृत्व के बाद भी लगातार फिल्मों में सक्रियता बनाए रखी। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘लाल सिंह चड्डा’ जैसे फिल्मों में उनकी मौजूदगी इसका उदाहरण हैं।
संगीत जिसने करीना को बनाया ‘बेबो’

करीना की फिल्मों के गानों ने भी उनके स्टारडम को नई ऊंचाई दी। उनका नाम आते ही कुछ सुपरहिट गानों की धुनें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हो उठती हैं। उनकी फिल्मों के कुछ हिट गाने जैसे ‘ये इश्क हाय’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘छम्मक छल्लो’, ‘फेविकोल से’, ‘तुमसे ही’ आदि गाने आज भी दिलों को सकून देते हैं। इसमें कुछ गाने ऐसे भी रहे जो बोल्डनेस, लिरिक्स या स्टाइल को लेकर चर्चा में रहे इन गानों में
‘फेविकोल से’, ‘हलकट जवानी’, ‘बेबो मैं बेबो’ जैसे गानों में करीना के बोल्ड अवतार सुर्खियों में रहा।
फैशन आइकाॅन और सामाजिक प्रभाव

करीना सिर्फ परदे की ही नहीं, रियल लाइफ की भी स्टाइल आइकाॅन रही हैं। उनका मैटरनिटी फैशन आज भी मिसाल के तौर पर देखा जाता है। कई ब्रांड्स और मैगजीन कवर पर करीना की उपस्थिति ने उन्हें फैशन की दुनिया में बेमिसाल बनाया। वहीं वे कई सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय रही हैं जैसे बच्चों के टीकाकरण, महिला स्वास्थ्य और शिक्षा पर जनजागरूकता। करीना कपूर खान का पच्चीस साल का सफर केवल एक अभिनेत्री की उपलब्धि नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में महिलाओं की बदलती भूमिका का प्रतीक है। उन्होंने दिखाया कि एक अभिनेत्री सिर्फ खूबसूरत चेहरा नहीं मजबूत सोच, विविधता और स्थायित्व की मिसाल भी हो सकती है। बाॅलीवुड की यह ‘बेबो’ आने वाले समय में और कितने रंग दिखाएगी यह देखना दिलचस्प होगा।

