पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 मार्च 2022 को पदभार ग्रहण किया था, और अब तक उन्होंने लगभग तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण वादों को पूरा करने का प्रयास किया है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां भी सामने आई हैं। सरकार ने जुलाई 2022 से 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना शुरू की, जिससे लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ हुआ। 15 अगस्त 2022 को 75 आम आदमी क्लीनिक शुरू किए गए, सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाई और सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए बस सेवा शुरू की। पहली कैबिनेट बैठक में 25,000 सरकारी नौकरियों की घोषणा की गई, जिसमें से 10,000 पुलिस विभाग में थीं। कपास की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों के लिए किसानों को मुआवजा दिया गया। मुख्यमंत्री ने नशे और भ्रष्टाचार को प्रमुख समस्याएं बताया है, लेकिन इन पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने में कठिनाई हो रही है। हाल के दिनों में किसानों के साथ सरकार का टकराव बढ़ा है, जिससे राजनीतिक तनाव उत्पन्न हुआ है। पार्टी के भीतर कुछ असंतोष की खबरें सामने आई हैं, जिससे सरकार की स्थिरता पर प्रश्न उठ रहे हैं। भगवंत मान सरकार ने कई वादों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां बनी हुई हैं। आगामी वर्षों में सरकार को इन चुनौतियों का समाधान करना होगा ताकि जनता का विश्वास बना रहे। हाल-फिलहाल भगवंत मान सरकार के प्रति जनता की नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। यदि समय रहते सरकार नहीं चेती तो ‘आप’ का अंतिम गढ़ भी ढह जाएगाा।
मान सरकार से जनता का मोहभंग

