बाॅलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान कभी बाॅक्स ऑफिस के सबसे भरोसेमंद नाम माने जाते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी फिल्मों का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। उनकी हालिया रिलीज ‘सिकंदर’ भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सलमान का स्टारडम अब ढलान पर है
सलमान खान का करियर पिछले कुछ सालों में चर्चा का विषय रहा है, खासकर उनकी फिल्मों के बाॅक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर। हालांकि यह कहना कि उनका करियर पूरी तरह ‘डूब’ रहा है, शायद अतिश्योक्ति होगी, लेकिन संकेत जरूर नजर आने लगे हैं कि उनकी पहले वाली बादशाहत कमजोर पड़ी है। उन्होंने ‘सुल्तान’ फिल्म के बाद कोई भी बड़ी हिट फिल्म नहीं दी हैं। ‘राधे’, ‘किसी का भाई किसी की जान’, ‘टाइगर-3’ और ‘सिकंदर’ वे उनकी फिल्में हैं जो सिर्फ बजट निकालने तक ही सीमित रही हैं। फिल्म ‘सिकंदर’ इस ईद पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म से सलमान खान को बड़ी उम्मीद थी लेकिन यह फिल्म भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में असफल रही। इसकी असफलता के बाद बॉलीवुड में चर्चा जोरों पर हैं कि सलमान अब बुड्ढे हो चुके हैं, इसलिए उन्हें एक्शन हीरो से हटकर नई तरह की भूमिका चुननी चाहिए, जैसा जैकी श्राॅफ, अनिल कपूर और सन्नी देओल ने किया है। बाॅलीवुड में एक चर्चा यह भी है कि वो अब राजनीति के क्षेत्र में भी सम्भावना तलाश रहे हैं। फिल्म ‘सिकंदर’ के प्रचार के दौरान एक संवाद में उन्होंने कहा था, ‘पीएम-सीएम का तो पता नहीं लेकिन इतनी पॉपुलैरिटी तो है कि एमपी-एमएलए बन सकता हूं!’ उनके इस संवाद से बाॅलीवुड में कयास लगाए जाने लगे हैं कि वो राजनीति में जा सकते हैं। इससे पहले सलमान खान पर उनके करीबियों का दबाव भी रहा है कि उन्हें बांद्रा में सुनील दत्त और बाबा सिद्दीकी की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहिए। वो राजनीति में जाएंगे या नहीं, ये तो समय ही बताएगा। बॉलीवुड में उनकी बादशाहत जरूर कमजोर होती दिखाई देने लगी है।
‘सिकंदर’ फ्लाॅप, रूकी फिल्में
पिछले एक दशक में जहां शाहरुख खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, सनी देओल और अक्षय कुमार जैसे बड़े स्टार्स मुश्किल दौर से गुजर चुके हैं। वहीं इन सबके बीच सलमान एकमात्र बाॅलीवुड स्टार बने रहे जिनकी फिल्म का हाल कितना भी बुरा रहा हो, ऑफिशियली बाॅक्स ऑफिस पर वो फ्लाॅप नहीं कहलाईं। लेकिन ‘सिकंदर’ ने उनका यह रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। सलमान की सबसे महंगी फ्लाॅप फिल्म है ‘सिकंदर’। ऐसी फिल्म जो रिलीज के तीसरे-चैथे दिन ही सिनेमाघरों से उतारी गई और उसकी जगह दूसरी फिल्मों के शोज लगाए गए हैं। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस फिल्म को 100 करोड़ रुपए का आंकड़ा छूने में पसीने छूठ गए हैं। इससे पहले गत् वर्ष दिवाली पर रिलीज हुई सलमान की फिल्म ‘टाइगर-3’ भी अपने बजट के बराबर घरेलू बाॅक्स ऑफिस पर कमाई नहीं कर सकी थी। नतीजतन यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स में प्रस्तावित सलमान की शाहरुख के साथ निर्माणाधीन फिल्म ‘टाइगर वर्सेस पठान’ अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई। यशराज फिल्म्स स्पाई यूनिवर्स में सलमान खान के किरदार टाइगर का आगे क्या होने वाला है फिलहाल इसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस स्पाई यूनिवर्स की दोनों निर्माणाधीन फिल्मों ‘वाॅर-2’ और ‘अल्फा’ में सलमान का कैमियो नहीं है।
नई पीढ़ी के सामने सलमान फेल
बाॅलीवुड में रणवीर सिंह, विक्की कौशल, राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना जैसे कलाकारों ने मजबूत अभिनय और अलग-अलग विषयों वाली फिल्मों से अपनी जगह बना ली है। ये कलाकार सलमान की पारम्परिक हीरो इमेज को चुनौती दे रहे हैं जिसकी वजह से सलमान का जादू बाॅक्स ऑफिस पर फीका पड़ता दिख रहा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा

कई एक्स पोस्ट और समीक्षकों (जैसे कोमल नाहटा) ने कहा है कि सलमान का अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट और मेकिंग में दखल उनकी असफलताओं का कारण हो सकता है। सुझाव है कि उन्हें सिर्फ अभिनय पर फोकस करना चाहिए। उनकी फिल्मों की कहानियों को ‘पुराने ढर्रे’ की माना जा रहा है जो नए दर्शकों को अपील नहीं करती।
कुछ लोग उनकी तुलना अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान से करते हैं, जिन्होंने मुश्किल दौर के बाद वापसी की। तरण आदर्श जैसे विश्लेषकों का मानना है कि सलमान में अभी भी कमबैक की ताकत है। उनकी जबरदस्त फैन फाॅलोइंग और स्टारडम उनके लिए बड़ा सहारा है।
रविकांत एक्स यूजर्स का कहना है- सलमान ने अपने करियर में कई सितारों (जैसे बाॅबी देओल, कैटरीना कैफ) को सपोर्ट किया है। वो दूसरों को लाॅन्च करने में अपने करियर को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनकी फैन बेस अभी भी मजबूत है जो उनकी फिल्मों को शुरुआती कमाई दिलाती है।
सलमान का व्यक्तिगत जीवन भी उनके करियर पर असर डालता रहा है। हिट एंड रन केस, काले हिरण का शिकार और मीडिया के साथ उनका व्यवहार – इन सबने उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि सलमान खान एक शानदार स्टार रहे हैं लेकिन हर स्टार को एक समय के बाद खुद को नए सांचे में ढालना पड़ता है यदि उन्हें अपने करियर को नई दिशा देनी है तो उन्हें खुद को बदलना होगा। स्क्रिप्ट की गुणवत्ता, नए निर्देशकों के साथ काम और अपनी अभिनय शैली में विविधता लाना जरूरी है। अगर वे समय के साथ नहीं बदले तो उनका डूबता करियर और भी नीचे जा सकता है।
सलमान का डूबता करियर
सलमान खान जिन्हें कभी ‘बाॅलीवुड का भाईजान’ कहा जाता था, आज एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां उनका फिल्मी करियर ढलान पर नजर आने लगा है। 1990 और 2000 के दशक में उन्होंने कई ब्लाॅक बस्टर फिल्में दी है। ‘दबंग’ और ‘वाॅन्टेड’, बाॅक्स ऑफिस पर हिट रहीं क्योंकि उस समय दर्शक मनोरंजन के लिए हल्की-फुल्की फिल्में पसंद करते थे। लेकिन हाल के वर्षों में बाॅलीवुड में कंटेंट आधारित सिनेमा का चलन तेजी से बढ़ा है। दर्शक अब केवल एक्शन, डाॅयलाॅग्स और स्टार पाॅवर पर आधारित फिल्मों से संतुष्ट नहीं होते। उन्हें कहानी, अभिनय और नई सोच चाहिए। लेकिन सलमान की फिल्मों में स्क्रिप्ट का चुनाव उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। वे बार-बार एक ही तरह की भूमिकाएं निभा रहे हैं – एक्शन हीरो, मसीहा और स्टाइलिश राॅबिनहुड। यह दोहराव अब दर्शकों को आकर्षित नहीं करता जिसकी वजह से उनकी हालिया फिल्में जैसे ‘राधे’, ‘किसी का भाई, किसी की जान’, ‘टाइगर-3’ और अब ‘सिकंदर’ को दर्शकों ने नकार दिया है। इन फिल्मों में एक्शन और मसाला तो था, लेकिन कथानक में गहराई या तर्क की कमी ने उन्हें असफल बना दिया। सलमान को एक्शन फिल्में ही करनी है तो उन्हें शाहरुख से सीख लेनी होगी। शाहरुख ने ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों के जरिए ये बता दिया है कि वो आज भी बॉलीवुड के किंग हैं, इसके लिए उन्हें अच्छी स्क्रिप्ट चुननी होगी। एक्टिंग में वैरायटी लानी होगी और डायरेक्टर्स के साथ एक्सपेरिमेंट करना होगा। तभी सलमान बाॅक्स ऑफिस पर फिर से राज कर पाएंगे।

