हरियाणा में लोकसभा चुनाव की कुल दस सीटें हैं। इन सभी पर 25 मई को मतदान होना है लेकिन इस बीच चुनाव से पहले चरखी दादरी से विधायक व भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में मंत्री रहे सतपाल सांगवान के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की सियासी तपिश बढ़ गई है। चर्चा है कि सांगवान के इस कदम से आगामी विधानसभा चुनाव में दादरी से भाजपा की टिकट के दावेदारों की बेचैनी बढ़ सकती है। गौरतलब सांगवान ने गत नवंबर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर जहां जजपा को आधिकारिक तौर पर अलविदा कह दिया था, वहीं भविष्य का फैसला जनता से रायशुमारी के बाद लेने का निर्णय लिया था। उसके बाद से ही वे लगातार गांवों व शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर लोगों के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। कयास यही लगाए जा रहे थे कि वे भाजपा या फिर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। अब आखिरकार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया है। सांगवान दादरी जिले से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। दादरी में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी, जलभराव की समस्या, सरकारी स्कूल में जलभराव, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलना, किसानों को मुआवजा इत्यादि मुद्दों को लेकर वे समय-समय पर सरकार को पत्र भी लिखते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बंसीलाल को अपना राजनीतिक गुरु मानने वाले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान छह बार दादरी से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 1996 में वे पहली बार हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए दादरी से विधायक बने थे।
सांगवान ने बढ़ाई सियासी तपिश

