Uttarakhand

अपराध के बोझ तले कराहती धर्मनगरी

नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी, हरिद्वार
धर्मनगरी हरिद्वार में लगातार बढ़ते अपराधों ने पिछले कुछ समय से आमजन के मन में चिंता और असुरक्षा की भावना को जन्म दे डाला है। यही कारण रहा कि सरकार को हरिद्वार पुलिस प्रमुख बदलना पड़ा। अब उत्तराखण्ड एसटीएफ के एसएसपी रहे नवनीत को जनपद कप्तान बना दिया गया है। भुल्लर की नियुक्ति को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि नवनीत सिंह हरिद्वार की भौगोलिक परिस्थितियों से न केवल पूर्णतया वाकिफ हैं बल्कि हरिद्वार में सीओ और एसपी जैसे जिम्मेदार पदों पर पूर्व में नियुक्त रहते हुए अपराधों पर गहरी चोट भी कर चुके हैं


प्रदेश में एकाएक हुई अपराधों में वृद्धि के चलते पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार देहरादून, ऊधमसिंह नगर सहित हरिद्वार जैसे बड़े जिलों के पुलिस प्रमुखों को बदला गया है, उससे अपराधों पर एकदम अंकुश लग पाएगा यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रदेश की राजधानी देहरादून ही नहीं अपितु प्रदेशभर में ताबड़तोड़ हुई हत्याओं के विरोध में विपक्ष कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर काफी हमलावर रहा और धर्मनगरी हरिद्वार भी इससे अछूता नहीं रही। धर्मनगरी में भी लगातार बढ़ते अपराधों ने पिछले कुछ समय से आमजन के मन में चिंता और असुरक्षा की भावना को जन्म दिया था। यही कारण रहा कि हरिद्वार के पुलिस प्रमुख को भी बदलना पड़ा और उत्तराखण्ड एसटीएफ के एसएसपी रहे नवनीत को जनपद कप्तान बना भेजा गया। धार्मिक नगरी के रूप में विश्वभर में पहचान रखने वाला हरिद्वार जनपद न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है बल्कि पर्यटन और व्यापार का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में जब हत्या, बलात्कार, चोरी, लूट, नशे का कारोबार, सड़क अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में वृद्धि की खबरें सामने आती हैं तो स्वाभाविक है कि स्थानीय नागरिकों की उम्मीदें प्रशासन से और अधिक बढ़ जाती हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में नव नियुक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर की नियुक्ति को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए की नवनीत सिंह हरिद्वार की भौगोलिक परिस्थितियों से न केवल पूर्णतया वाकिफ हैं बल्कि हरिद्वार में सीओ और एसपी जैसे जिम्मेदार पदों पर पूर्व में नियुक्त रहते हुए अपराधों पर गहरी चोट भी कर चुके हैं।

हरिद्वार की पहचान गंगा तट पर बसे एक शांत और आध्यात्मिक नगर की रही है। यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से गंगा स्नान और मंदिर दर्शन के लिए आते हैं। धार्मिक आयोजनों, मेलों और पर्वों के दौरान यहां की आबादी कई गुना बढ़ जाती है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन के लिए हमेशा ही चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है। जिले में हरिद्वार शहर के अतिरिक्त एक बहुत बड़ा भूभाग ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ता है और इस जनपद की सीमा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर जैसे बड़े जिलों से मिलती है लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ते अपराधों ने इस चुनौती को और जटिल बना दिया है। विशेष रूप से नशे से जुड़ी गतिविधियों और युवाओं के अपराध की ओर बढ़ते रुझान ने समाज के हर वर्ग को चिंतित किया है। जिस कारण लूट, हत्या और झपटमारी जैसी वारदातों में वृद्धि हुई है। अपराधों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर विपक्ष हमलावर था और जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे? तब नवनीत भुल्लर का हरिद्वार में एसएसपी के रूप में पदभार ग्रहण करना एक नई शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। जनपद में उनकी पूर्व सेवाओं और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए लोगों को विश्वास है कि वे सख्त और प्रभावी कदम उठाएंगे। जनता को उम्मीद है कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई, पुलिस गश्त में बढ़ोतरी और खुफिया तंत्र की मजबूती सहित जिम्मेदारी तय करने जैसे कदम जल्द ही देखने को मिलेंगे।

हरिद्वार जैसे शहर में पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। यहां साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना, धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नवनीत भुल्लर के सामने यह चुनौती होगी कि वे कानून-व्यवस्था को मजबूत रखते हुए जनता के साथ संवाद भी बनाए रखें। वर्तमान में पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का सम्बंध अत्यंत आवश्यक है। यदि पुलिस संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करती है तो अपराधों पर अंकुश लगाना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।

जनता की अपेक्षाएं केवल कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे एक ऐसी पुलिस व्यवस्था चाहती है जो तत्पर, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम हो। सीसीटीवी निगरानी का विस्तार, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, महिला हेल्पलाइन की सक्रियता और रात्रि गश्त की प्रभावशीलता, ये सभी पहलू वर्तमान समय की मांग हैं। यदि इन क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए जाते हैं तो निश्चित ही अपराधों में कमी लाई जा सकती है।

नए एसएसपी के रूप में नवनीत भुल्लर के सामने एक और बड़ी चुनौती नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है। सीमावर्ती क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से जुड़े नेटवर्क के कारण यह समस्या जटिल हो जाती है। इसके लिए केवल स्थानीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती बल्कि अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय समन्वय भी आवश्यक होता है। यदि पुलिस इस दिशा में सक्रिय रणनीति अपनाती है तो युवाओं को अपराध की राह पर जाने से रोका जा सकता है।

महिला सुरक्षा भी हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और परिवहन साधनों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नवनीत भुल्लर से लोगों को उम्मीद है कि वे महिला सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाएंगे, मनचलों और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगे तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज बनाएंगे। हरिद्वार की जनता यह भी चाहती है कि पुलिस प्रशासन केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित न रहे बल्कि अपराध की रोकथाम हेतु सक्रिय रणनीति अपनाए। मोहल्ला स्तर पर बैठकें, जागरूकता अभियान और नागरिक सहभागिता कार्यक्रम अपराध नियंत्रण में सहायक हो सकते हैं। यदि पुलिस और जनता मिलकर काम करें तो शहर को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।

नवनीत भुल्लर की कार्यशैली को लेकर भी सकारात्मक चर्चाएं हो रही हैं। माना जाता है कि वे अनुशासनप्रिय और परिणामोन्मुख अधिकारी हैं। यदि वे अपने अनुभव का उपयोग करते हुए पुलिस बल में ऊर्जा और जवाबदेही का संचार करते हैं, तो निश्चित ही व्यवस्था में सुधार दिखाई देगा। पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें आधुनिक संसाधनों से लैस करना भी उतना ही आवश्यक है क्योंकि एक सशक्त बल ही प्रभावी कानून-व्यवस्था सुनिश्चित कर सकता है।

धार्मिक नगरी होने के कारण हरिद्वार की छवि पूरे देश और विश्व में विशेष महत्व रखती है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था का सीधा असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यदि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है तो न केवल नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इससे शहर के व्यापार और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अंततः यह कहा जा सकता है कि हरिद्वार की जनता की उम्मीदें नवनीत भुल्लर से केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि एक नेतृत्वकर्ता के रूप में जुड़ी हैं। वे चाहते हैं कि शहर में कानून का राज स्थापित हो, अपराधियों में भय हो और आमजन में सुरक्षा की भावना। यदि नए एसएसपी सख्ती, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के संतुलन के साथ कार्य करते हैं तो निश्चित ही हरिद्वार एक बार फिर शांति और सुरक्षा की मिसाल बन सकता है। जनता को भरोसा है कि यह नई जिम्मेदारी नवनीत भुल्लर के नेतृत्व में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

‘नशे पर नियंत्रण और महिला सुरक्षा मेरी प्राथमिकता’

पहली प्राथमिकता सभी स्टाफ निर्धारित समय पर ऑफिस पहुंचे और आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाना प्रभारियों को भी दिशा-निर्देश दिए हैं कि आमजन से मिलने के लिए समय निश्चित करेंगे ताकि फरियादियों को बेवजह भटकना न पड़े। यदि थाना प्रभारी कहीं बाहर होंगे तो किसी जिम्मेदार को कार्यभार सौंप कर जाएंगे और लौटने पर इन शिकायतों की समीक्षा खुद करेंगे। साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में बिना देरी किए पंजीकृत किए जाएंगे। हर सर्किल में सुबह-शाम नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी भी वारदात की सूचना को भी तत्काल अपने उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। जिले में बढ़ते नशे पर एनडीपीएस एक्ट का जिले में पहली बार इस्तेमाल किया गया है और इस एक्ट के तहत जनपद में पहली बार गिरफ्तारी की गई है। नशे में सभी पकड़े गए लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है बल्कि नशे की सप्लाई चेन के अंतिम छोर तक पहुंचकर कार्यवाही करना थाना प्रभारियों की पहली जिम्मेदारी रहेगी।

महिला सुरक्षा को लेकर प्रत्येक थाने में महिला हेल्प लाइन डेस्क नियुक्त की गई है जिसमें एक महिला इस्पेक्टर और चार महिला काॅन्सटेबल रहेंगी। इसके अलावा ‘गौरा शक्ति ऐप’ द्वारा सभी महिला काॅलेज और स्कूलों में जाकर इस ऐप के माध्यम से सभी को सुरक्षा की दृष्टि देने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। जगह-जगह नुक्कड़ नाटक सरीखे तरीके भी अनाए जाएंगे। महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम से निपटने के लिए, चारधाम यात्रा, कांवड़ जैसे मेलों में भी हमारे पास योजना है। हम चूंकि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, तो इस पर प्रशासन और आरटीओ से मिलकर इस पर वार्ता करने जा रहे हैं। शहर में ज्यादा बैटरी रिक्शा से जाम लगता है। इसके दृष्टिगत शहर में चल रहे 800 से अधिक बैटरी रिक्शा का रूट डायवर्जन कर इस स्थिति को भी काबू किया जाएगा।

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