उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के एक केबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने पहले अपने मातहत सरकारी कर्मचारी से जूते बंधवाए। इसके बाद इस मामले में जब वह चौतरफा घिर गये तो अब मंत्री महोदय सफाई देते घुम रहे है। मंत्री की सफाई उस वीडियो के बाद आई है, जिसमें यह दिख रहा है कि योग शिवर खत्म होने के बाद मंत्रीजी जूता पहनने जाते हैं, लेकिन वे झुकते नहीं हैं। वहां मौजूद एक सरकारी कर्मचारी उनके जूतों को उठाकर लाते हैं और अपने हाथ से पहनाते हैं। इसी दौरान किसी ने मंत्री की फोटो और वीडियो ले लिया और उसे वायरल कर दिया।
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश-दुनिया में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देश में कई जगह पर योग के बाद झड़प की खबरे भी सामने आई। कई लोग जहां कार्यक्रम के बाद मैट के लिए लड़ पड़े वहीं एक मंत्री जूतों के कारण खबरों में आ गए।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से मंत्री के जूतों को लेकर हुई एक घटना सामने आई थी। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी को एक सरकारी कर्मचारी ने जूते पहनाए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मंत्री की आलोचना की जा रही है । विपक्षी पार्टियों ने मंत्री के साथ ही मोदी और योगी सरकार पर भी टिप्पणी करनी शुरू कर दी। मामले के ज्यादा बढ़ने के बाद अब मंत्रीजी की सफाई सामने आई है।
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने खुद को बचाने के लिए राम नाम का सहारा लिया है। उनका कहना है, “कोई भैया, भतीजा या परिवार का व्यक्ति यदि हमें जूता पहना दे, तो ये तो हमारा वो देश है, जहां भगवान राम के खड़ाऊ रख के भरतजी ने 14 साल राज किया था, आपको तो इस बात की तारीफ करनी चाहिए थी। ”

