उत्तर प्रदेश की सियासत में आजम खान कभी खूब लोकप्रिय थे और कहा जाता है कि उनके गृहजनपद रामपुर में वो जो चाहते थे वही होता था, लेकिन अब सिक्के का दूसरा पहलू आ चुका है जो यह है कि उनके पीछे प्रशासन पड़ा हुआ है । दरअसल जमीन पर अवैध कब्जे से लेकर बकरी चोरी का इल्जाम उन पर लग चुका है और आज ऐसा दिन आ गया है कि आजम खान के ऊपर 86 मामले दर्ज हैं । वहीं इनमे ज्यादातर मामलों में उनके आशियाने पर नोटिस दिया गया है और ये बात अलग है कि उनके समर्थकों ने नोटिस को फाड़ दिया है।
वहीं आजम खान के समर्थन में पूरी समाजवादी पार्टी आ चुकी है । मुलायम सिंह ने तो यह तक कह दिया है कि भीख मांगकर आजम खान ने जौहर विश्विविद्यालय बनवाया ऐसे में उन पर ओछे आरोप लगाए जा रहे हैं । वहीं अब आजम खान के समर्थन में राम गोपाल यादव भी उतर आए हैं । हाल ही में उन्होंने कहा कि जिस तरह से रामपुर के डीएम और एसपी काम कर रहे हैं उन्हें हटाने की जरूरत है। इस सिलसिले में चुनाव आयोग से उन्होंने दरख्वास्त भी की । इस तरह की कार्रवाई भारत में कभी नहीं हुई । यहां तक कि डकैतों या वीरप्पन के खिलाफ हुई थी ।

इसी के साथ रामगोपाल यादव ने कहा कि आजम खान पर 86 मामले दर्ज किए गए हैं,जबकि उनके खिलाफ एक भी केस नहीं दर्ज किया गया था । वो अपराधी नहीं हैं, अगर रामपुर के मौजूदा डीएम और एसपी अपने पदों पर कायम रहेंगे तो रामपुर में निष्पक्ष चुनाव नहीं होगा । हमारे समर्थकों को वोट देने से वंचित कर दिया जाएगा ।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि रामपुर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यहां के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर किया जाए । सपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत रविवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला से मुलाकात की और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर कराए जाने की मांग की ।

प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी विधानपरिषद में विपक्ष के नेता अहमद हसन और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी थे । राम गोविंद चौधरी ने कहा कि रामपुर में जिला अधिकारी अंजनेय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने जिस तरीके से डर का माहौल बनाया है, उसमें वहां निष्पक्ष चुनाव कराना असंभव है ।
शुक्ला को दिए ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने लोकसभा चुनाव के बाद एक सुनियोजित रणनीति के तहत सपा के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है । चौधरी ने कहा कि हालिया घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि रामपुर में अधिकारी सत्तारूढ़ बीजेपी के पक्ष में काम कर रहे हैं और हम उनसे निष्पक्ष चुनाव कराने की उम्मीद नहीं कर सकते । दोनों अधिकारियों ने आजम खान पर झूठे मामले दर्ज कर जिले में डर का माहौल बना दिया है, और उनकी निगरानी में पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है ।

