जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने एक और फैसला किया है। अब एटीएम से दो हजार के नोट नहीं निकलेंगे। दो हजार के नोट की छपाई भी बंद कराई जा चुकी है। शहर के आधे से ज्यादा एटीएम से दो हजार के नोट की कैसेट हटाई जा चुकी है, अब सौ के पुराने नोट की कैसेट भी बदलने की तैयारी है, इसकी जगह नए नोट वाली कैसेट लगाई जाएगी। जैसे जैसे एटीएम 100 के नए नोट के लिए तैयार होते जाएंगे, पुराने नोटों का चलन कम होता जाएगा। बैंकों की शाखाओं में भी 100 के बहुत पुराने नोट हटाए जा रहे हैं। 200 के नोट का चलन बढ़ाने के साथ ही अब 100 के नए नोटों का सर्कुलेशन तेजी से बढ़ाया जा रहा है। 200 के नोट की तरह ही जल्द ही 100 के नए नोट भी एटीएम से निकलेंगे।
जमाखोरी की वजह से रिजर्व बैंक ने करीब डेढ़ साल पहले 2000 रुपये के नोट की छपाई बंद कर दी थी। वर्ष 2019 की शुरुआत में 80 फीसदी 2000 के नोट न तो बैंक में थे न ही बाजार में। तभी इस बात की संभावना बढ़ गई थी कि सरकार 2000 के नोट का चलन सीमित कर देगी। उसकी बानगी अब एटीएम से कैसेट हटाने की कवायद के तौर पर देखी जा सकती है। केंद्रीय बैंक का पूरा फोकस अब सौ से ज्यादा दो सौ रुपये के नोट पर है। निकट भविष्य में न सिर्फ दो सौ रुपये की करेंसी का चलन बढ़ेगा, बल्कि शत प्रतिशत एटीएम इसके लिए रीकैलिब्रेट किए जाएंगे।
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने एटीएम से दो हजार के नोट वाली कैसेट हटवा दी है। अगले चरण में अन्य बैंक भी यही व्यवस्था अपनाएंगे। यानी आने वाले समय में एटीएम से दो हजार रुपये के नोट नहीं निकलेंगे। भारतीय स्टेट बैंक के सूत्र बताते हैं कि बैंक ने अपने 155 एटीएम में से 72 से 2000 के नोट रखने वाले कैसेट (बॉक्स) को हटा दिया है। इसी तरह उन्नाव में 24 में से 21 एटीएम में यह बदलाव किया गया है। इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज व बांदा में आने वाले दिनों में यह बदलाव होगा। कानपुर मंडल के बाहर के कई जिलों में एटीएम में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है।
बैंकों के पास एटीएम में 2000 रुपये के नोट डालने के लिए पर्याप्त करेंसी नहीं होती है। बीते काफी समय से 2000 के नोट वाली कैसेट खाली ही रह जाती है। इस वजह से यह बदलाव जरूरी था। कम से कम 2000 के स्थान पर 500 के नोट तो निकल सकेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार के एजेंडे के मुताबिक एक दो वर्षों में मुद्रा का चलन बहुत तेजी से कम करना है। यही वजह है कि बैंकों से मुद्रा निकासी की लिमिट तय कर दी गई है। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जोर दिया जा रहा है।
छोटे नोटों का चलन बढ़ाने के लिए एसबीआई ने जिन एटीएम से 2000 रुपये की कैसेट हटाई है, वहां कहीं 200 की, तो कहीं 500 रुपये की कैसेट जोड़ी जा रही है। 200 और 500 के नोट वाली कैसेट बढ़ाने का निर्णय उस क्षेत्र में नकदी की जरूरत के हिसाब से लिया जा रहा है। अगले छह महीने में एसबीआई के शत प्रतिशत एटीएम में यह बदलाव संभव है। हालांकि भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी इस बदलाव पर आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन वे स्वीकार करते हैं कि जून 2020 तक देश के सभी एटीएम से 2000 रुपये की कैसेट हटा ली जाएगी।

