दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सिर्फ चार दिन बाकी है। सभी पार्टियों ने चुनीव जीतने के लिए अपनी पूरी दमखम लगा दी है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने 240 सांसदों की चुनावी ड्यूटी लगाई है। ये सभी सांसद अगले चार दिनों तक अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेंगे। सभी सांसदों को निर्देश दिया गए हैं कि वे गली-गली में जाकर वोट मांगेंगे। इस चुनाव में बीजेपी ने शुरू से ही अपने महारथियों को मैदान में उतार रही है, जो दिल्लीवालों को लगातार लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने प्रचार की शुरूआत कड़कड़डूमा से कर दिया। इस चुनाव में करीब-करीब सभी केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी शासित मुख्यमंत्री भी इस चुनाव में प्रचार कर रहे। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवर को त्रिनगर, मादीपुर और पटेल नगर पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगे और केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा।
स्मृति ईरानी के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी रोहिणी पहुंचे और बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में वोटों की अपील की। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शकूरबस्ती, मॉडल टाउन और चांदनी चौक में जनसभा करने पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिहं पुरी भी मौजूद थे। दोनों ने केजरीवाल सरकार पर दिल्लीवालों को धोखा देने का आरोप लगाया। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को वजीरपुर पहुंचकर बीजेपी उम्मीदवार के लिए वोट मांगा। इस बार जेडीयू बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। नीतीश कुमार के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी मोतीनगर में जनसभा को संबोधित किया और केजरीवाल सरकार पर तीखे हमले किए।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किराड़ी और बदरपुर में दो जनसभाएं कीं और दिल्ली के लिए अपने काम पर लोगों से वोट मांगे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकासपुरी, उत्तमनगर, द्वारका, महरौली में चार रैलियां की और सीएम केजरीवाल पर जमकर हल्लाबोला। योगी के अलावा गुजरात के सीएम विजय रूपाणी भी दिल्ली में बीजेपी की जीत के लिए प्रचार किए।
दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी बोल कह रही है कि वह अपने पिछले 5 साल के काम पर वोट मांग रही है। कांग्रेस के राहुल गांधी आज से चुनाव प्रचार की शुरुवात करेंगे। वह जंगपुरा से तरविंदर सिंह मारवाह के लिए समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। जबकि पांच से पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी सीलमपुर में कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी मतीन अहमद के लिए प्रचार करेंगी।
इसके अलावा कांग्रेस के अन्य स्टार प्रचारक रविवार से धुआंधार प्रचार कर रहे है। दो फरवरी को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा नरेला में रोड शो के बाद मुंडका में में दो बैठकों को संबोधित करेंगे। तीन फरवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह हरिनगर सीट से पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में बैठक को संबोधित किए। कैप्टन अमरिंदर शाम को कालकाजी में आयोजित रोड शो में भी शामिल हुए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस पहली बार राजद के साथ गंठबंधन कर चुनाव में उतरी है।

इस अवसर पर राजद सांसद मनोज कुमार झा मौजूद थे। चोपड़ा ने कहा कि बिहार में आरजेडी ने गरीबों और जरूरतमंदों के विकास और उत्थान के लिए कई कार्य किए हैं। दिल्ली में कांग्रेस ने भी पूर्वांचली के हितों को ध्यान रखते हुए कई विकास कार्य किए हैं। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने दिल्ली में रहने वाले सभी पूर्वांचली से कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन को समर्थन देने की अपील की। वर्ष 2015 में अनोखा जीत हासिल कर दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे अरविंद केजरीवाल।
इस चुनाव में एक बार और कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में हैं। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने 2015 के विधानसभा चुनाव में कुल 70 में 67 सीटों पर जीत हासिल की थी। शेष तीन सीटें बीजेपी के खाते में गई थी। उस समय दिल्ली इलेक्शन में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई थी। जबकि वर्ष 1998 से 2013 तक कांग्रेस लगातार 15 साल दिल्ली की सत्ता में रह चुकी थी। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे।
वहीं बीजेपी 32.3 प्रतिशत वोट पाकर दूसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस को सिर्फ 9.7 प्रतिशत वोट मिल पाए थे। इससे ठीक दो साल पहले वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 28 सीटें जीतकर आठ सीटें जीतने वाली कांग्रेस के ‘बिना शर्त समर्थन’ से सरकार बनाई थी, लेकिन वह ज़्यादा समय तक नहीं चल पाई थी। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 32 सीटों पर जीत मिली थी और वह बहुमत के आंकड़े से चार सीट कम रह गई थी।