बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के आखिर में होने वाले हैं। इसी बीच बिहार में महागठबंधन टूट ने की खबर आ रही है। महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा। इसी को लेकर बवाल शुरू हो गया है। कल शुक्रवार को पटना के एक बड़े होटल के एक कमरे में बैठक हुई। बैठक में बिहार के मौजूद राजनीतिक दिग्गजों ने ऑल इज नॉट वेल का इशारा दिया। लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल अकेले ही तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुका है। बाकी सहियोगी दल इस पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
इसी वजह से कल होने वाले मीटिंग में तेजस्वी यादव और दूसरे आरजेडी नेताओं को नहीं शामिल किया। महागठबंधन के दूसरे सहयोगी दलों के मुखिया राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी और वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी एक पाले में दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नेताओं ने होटल में गुप्त बैठक की। बैठक के कई मायने निकाले जा रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारे में चर्चा ये है कि अब गठबंधन के ये तीन सहयोगी दल शरद यादव को महागठबंधन का बतौर मुख्यमंत्री चेहरा चाहते हैं।
बैठक को जीतन राम मांझी ने सकारत्मक बताया और साथ ही तेजस्वी यादव के नाम पर सहमति भी नहीं दी। हालांकि, शरद यादव ने इस मुद्दे पर बात करने से अभी इंकार कर दिया है। लेकिन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बतया कि 18 फरवरी के बाद हम लोग बोलेंगे। पिछले साल लोकसभा चुनाव में शरद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल से चुनाव लड़े थे। पर अब वो राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं से मिलते दिखाई नहीं देते है।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मृत्युन्जय तिवारी ने शरद यादव को राष्ट्रीय नेता कहा और संभावनाओं पर पुर्ण विराम लगाया। और साथ ही ताकीद किया कि तेजस्वी यादव के अलावा कोई दूसरा चेहरा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा तो तेजस्वी हैं इसको लेकर कोई भ्रम न पाले। इसी बीच सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड इस परिस्थिति से बहुत खुश है। जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन का मानना है कि अब इस महागठबंधन के टूटने की खबर जल्द ही आएगी। अब सब का इंतजार 18 फरवरी का है।
बिहार: RJD नेता तेजस्वी यादव 23 फरवरी को पटना के बिहार वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में 'बेरोज़गारी हटाओ यात्रा' की शुरुआत करेंगे। वे इस 'युवा क्रांति रथ' पर राज्य के हर जिले में रैली का नेतृत्व करेंगे। pic.twitter.com/VY0ZgW0F3A
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2020
वहीं दूसरी तरफ पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने 23 फरवरी से बेरोजगारी के मुद्दे पर यात्रा शुरू करने जा रहे है। इस यात्रा का नाम ‘बेरोजगारी हटाओ’ यात्रा रखा गया है। राजद के एक नेता ने बताया कि यात्रा के लिए एक बस को अत्याधुनिक तरीके से तैयार कराया गया है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाने का मन बना लिया है। यह बस गहरे हरे रंग की है। इस पर बड़े शब्दों में बेरोजगारी हटाओ यात्रा लिखा गया है और बस को ‘युवा क्रांति रथ’ नाम दिया गया है।
बस के सामने के शीशे पर लिखा है-नया बिहार। राजद के नेताओं के अनुसार, 23 फरवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में बेरोजगारी हटाओ सभा का आयोजन किया गया है जिसमें राज्य के सभी क्षेत्र के लोग भाग लेंगे। इस सभा में तेजस्वी राज्य में मौजूद बेरोजगारी की समस्या को लेकर हुंकार भरेंगे। इसके बाद रथ को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रथ पर सवार होकर तेजस्वी पूरे बिहार का दौरा करेंगे और लोगों को बेरोजगारी के मुद्दे पर जागृत करेंगे।

