मध्यप्रदेश में सियासी समीकरण बदलने को बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल शुरू हो गई है। इसी हलचल को देखते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुधवार को बुलाई है। हालांकि, एनसीपी नेताओं ने कहा है कि 26 मार्च को प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर यह बैठक की गई है।
एनसीपी ने राज्यसभा की दो सीटों पर अपना दावा ठोका है जिसमें एक सीट पार्टी प्रमुख शरद पवार के लिए रिजर्व है। एनसीपी के एक नेता ने बताया कि पवार साहब और फौज़िया खान चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार होगें। दोनों उम्मीदवार बुधवार को अपना नामांकन भरेंगे। पवार ने आज शाम को अपने सभी विधायकों की एक बैठक बुलाई है जिसमें चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति के बारे में चर्चा होगी।
शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने राज्य की राजनितिक स्थिती पर बुधवार को बोलते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच अच्छा सामंजस्य है। राज्य में राजनितिक हालत बिल्कुल ठीक है। अगर कोई सपना देखना चाहता है तो देखें। सपनों पर कोई टैक्स नहीं है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मध्यप्रदेश का कोई भी वायरस नहीं घुसने देंगे। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में ऑपरेशन कमल का प्रयोग किया गया था। भाजपा की दो दिन के लिए सरकार बनी थी।
महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता और सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार के लिए कोई खतरा नहीं है। यह एक स्थिर सरकार है। राज्य की स्थिती मध्यप्रदेश की तुलना बिल्कुल अलग है। महाराष्ट्र में शिवसेना 56, कांग्रेस 44, राकांपा 54, भाजपा 105 और अन्य से पास 29 सीटें हैं।
महाराष्ट्र में चाहे कांग्रेस ने महाविकास अघाड़ी के साथ मिलकर सरकार बना ली हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी के कई नेता सरकार से खुश नहीं हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण कई बार ठाकरे सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते नजर आए हैं। चव्हाण ने ठाकरे सरकार के बजट को लेकर भी कई बड़ी बातें कही थी। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार के लिए कुछ नहीं कर रही है।

