बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का महागठबंधन पूरी कोशिश में है कि चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हुआ तो तब भी लालू ही गठबंधन के खेवनहार रहेंगे। उन्हीं की छवि को भुनाकर गठबंधन चुनाव में जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए बाकायदा एक ‘बी’ प्लान तक तैयार कर लिया गया है।
बताया जाता है कि इस ‘बी’ प्लान के तहत लालू प्रसाद की पुरानी लोकप्रिय छवि की जनता को याद दिलाई जाएगी। घर-घर तक उनके पुराने भाषण सुनाए जायंेगे। उनके पत्र आम जनता तक पहुंचाए जायेंगे। जनता को बताया जाएगा कि लालू किस तरह गरीबों के हमदर्द और मसीहा रहे हैं।
विपक्षी महागठबंधन को लगता है कि लालू ही चुनावी नैय्या पार लगा सकते हैं। यही वजह है कि सीटों का तालमेल क्या रहे, किस सीट पर किसे उतारा जाए इस बारे में लालू से ही राय ली जा रही है। महागठबंधन की एक पार्टी रालोसपा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा भी कि लालू हमारे सुप्रीम नेता हैं। हमने उनसे मुलाकात कर कहा है कि वे गठबंधन को मजबूती दें।
राजनीतिक पंड़ितों का भी मानना है कि इस बार लालू बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने की स्थिति में हैं। ताजा जानकारी के अनुसार रांची हाईकोर्ट में लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई 11 सितंबर तक के लिए टल गई है। लालू घोटाला मामले में चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी केे केस में उनकी जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी थी।