नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो देश भर में खुदकुशी करने वाले किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं को लेकर हर साल रिपोर्ट तैयार करता है। हाल में 2019 की रिपोर्ट सामने आई है। 2019 में 10281 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने जान दी, 32,559 दिहाड़ी मजदूरों ने सुसाइड किया। रिपोर्ट जारी होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। मध्यप्रदेश से कांग्रेस के मीडिया प्रभारी, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने रिपोर्ट को लेकर कहा कि 2019 सबसे अधिक आत्महत्या करने वाला साल बन गया हैं। साल 2019 में 139,559 लोगों ने अपनी जान दी। जिन लोगों ने आत्महत्या की उनमें ज्यादातर कृषि और खेतिहर से जुड़े लोग थे। देश में हर साल यह रिपोर्ट एनसीआरबी जारी करता हैं।

केंद्र सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमलावार होते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि “क्या यहीं अच्छे दिन हैं, जिसे भारतीय जनता पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने देने का वादा किया था। अब लोग गुहार लगा रहे हैं कि हमें हमारे पुराने दिन ही लौटा दो। पटवारी ने आगे कहा कि गृह मंत्रालय के धीन आने वाले एनसीआरबी के अनुसार मध्य प्रदेश में 12,457 किसान, मजदूरों और युवा बेरोजगारों ने आत्महत्या की है। यह प्रदेश की वस्तुस्थिति है और यही शिवराज सिंह चौहान का असली चेहरा है। मध्य प्रदेश को आत्महत्याओं का हब बना दिया है”।

कांग्रेस नेता ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान जिस जिले सीहोर की बुधनी विधानसभा से चुनकर आते हैं, वहां पिछले तीन दिनों में तीन-तीन लोगों ने आत्महत्या की हैं। यह देश का सबसे अधिक आत्महत्या करने वाला जिला बना हुआ है। पटवारी ने कहा जब सरकार से किसानों की आत्महत्या पर सवाल पूछते हैं, तो वह कहते हैं कि किसान की मानसिक स्थिति ठीक नहीं।
यह भी पढ़ें : किसान आत्महत्या को लेकर गरमाई मध्य प्रदेश की राजनीति
मुझे इस उत्तर पर शर्म आती है, दुख होता हैं। किसान जब अन्न उगाता हैं, तो पूरे देश का पेट भरता है। वह अकेला अपने लिए अनाज नहीं बोता, बल्कि पूरे देश के लिए अनाज उगाता है। ताकि देश का कोई भी नागरिक भूखा न सोए।

