बिहार सरकार पर कोरोना का कहर बरप रहा है। प्रदेश में एक तरफ विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है तो दूसरी तरफ कोरोना प्रदेश के मंत्रियों को अपनी चपेट में ले रहा है । पिछले चार दिनों की ही बात करें तो बिहार सरकार के दो मंत्री कोरोना की चपेट में आकर स्वर्ग सिधार चुके हैं।
इससे नीतीश सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है । हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोनों ही दिवंगत मंत्रियों की पत्नियों को आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बना दिया है। लेकिन बावजूद इसके प्रदेश के कद्दावर नेता रहे दोनों मंत्रियों की कमी खलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्री कपिलदेव कामत के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
देर रात कपिल देव कामत की मौत हो गई है। कामत कोरोना वायरस से संक्रमित थे और लगभग एक सप्ताहे पहले से ही पटना एम्स अस्पताल में एडमिट थे। बताया जा रहा है कि मंत्री कामत को पहले से ही किडनी की परेशानी थी और हाल ही में सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
गौरतलब है कि बिहार सरकार में मंत्री कामत जनता दल यूनाइडेट के कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते थे। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबियो में गिने जाते थे। मधुबनी जिले के बाबूबरही से विधायक रहे कामत फिलहाल नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे।
फिलहाल नीतीश सरकार ने पहले ही उनके स्वास्थ्य को देखते हुए पार्टी ने इस बार उनके स्थान पर बहू मीना कामत को बाबूबरही से अपना प्रत्याशी बनाया है। याद रहे कि चार दिन पहले ही प्रदेश के अति पिछडा कल्याण मंत्री विनोद सिंह की भी कोरोना से मौत हो गई थी।

