दिल्ली के एक सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने झारखंड के गिरिडीह में वर्ष 1999 में कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे और अन्य दोषियों को सजा मुकर्रर की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने हाल ही में घोटाले से जुड़े अन्य दो दोषियों को भी तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। बता दें कि दिलीप रे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कोयला राज्य मंत्री थे।
सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के अलावा कोयला मंत्रालय के तत्कालीन दो वरिष्ठ अधिकारी, प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्या नंद गौतम, कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल) के निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल और कैस्ट्रॉन माइनिंग लिमिटेड (सीएमएल) को भी दोषी ठहराया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे तथा झारखंड कोयला घोटाला मामले में दोषी करार अन्य व्यक्तियों को सीबीआई अदालत से जमानत मिल गई है। सभी को एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई है। इसके अलावा उन्हें 25 नवंबर तक उच्च न्यायालय में अपील करने का समय भी दिया गया है।
पूरा मामला जानें
दिलीप रे पर वर्ष 1999 में झारखंड के गिरिडीह स्थित ब्रह्मडिहा कोयला खदान आवंटन में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगा था। इस मामले में दिलीप रे के साथ 4 लोग दोषी साबित हुए थे। 6 अक्टूबर को विशेष सीबीआई अदालत ने इन्हें दोषी साबित किया था । 14 अक्टूबर को विशेष सीबीआइ अदालत में सीबीआई एवं अभियुक्तों के वकीलों की तरफ से बहस हुई थी। सीबीआई वकील ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के लिए कहा था एवं प्रतिपक्षण वकील ने अभियुक्त की आयु तथा पहले से कोई आपराधिक रिकार्ड ना होने से उनके खिलाफ सहूलियत बरतने के लिए निवेदन किया है। सीबीआई विशेष अदालत के न्यायाधीश भरत पराशर ने दोनों पक्ष को सुनने के बाद राय को सुरक्षित रखते हुए आज कोर्ट में हाजिर होने के लिए निर्देश दिया था।
इनके अलावा इस मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा दोषी साबित हो चुके हैं। उन्हें तीन साल की जेल के साथ 25 लाख रुपए का जुर्माना हुआ था। उसी तरह से पूर्व खदान सचिव एचसी.गुप्ता को भी तीन साल की जेल एवं 1 लाख रुपए का जुर्माना हुआ था। अब दिलीप रे को अदालत तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला 1999 में झारखंड कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसके साथ ही अदालत ने हाल ही में घोटाले से जुड़े अन्य दो दोषियों को भी तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।

