उत्तर प्रदेश सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित उसने 157 सरकारी बंगले खाली कराये हैं।प्रधान न्यायाधीश और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ को उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश में निर्धारित अवधि से अधिक सरकारी बंगले में रहने वाले व्यक्तियों को इसमें रहने का शुल्क देना होगा। राज्य सरकार के वकील ने कहा, ‘हम शीर्ष अदालत के आदेश का पालन कर रहे हैं और अभी तक 157 आवास खाली किये जा चुके हैं। इन बंगलों में निर्धारित अवधि से ज्यादा रहने वाले व्यक्तियों को इसका किराया देना होगा। पीठ ने राज्य सरकार के वकील से कहा कि इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाये। इस हलफनामे में यह स्पष्ट जानकारी दी जाये कि कितने मकान खाली हो चुके हैं और अब तक कितना धन वसूला गया है।