उत्तर प्रदेश में लगातार आपराधिक मामले बढ़ रहे हैं जिसके मद्देनजर अब महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक अलग ही पहल की शुरुआत की जा रही है। इसेक तहत महिलाओं को किसी से शिकायत करने की भी जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनके चेहरे के भावों को समझकर ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वे किसी खतरे में तो नहीं हैं।
लड़कियों के एक्सप्रेशन को समझने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल

प्रदेश की राजधानी में पुलिस अब सार्वजनिक स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाने जा रही है, जो खतरे की स्थिति में महिलाओं के चेहरे के भावों को समझकर उनकी तस्वीरों को खुद ही क्लिक कर लेंगे और पास में मौजूद पुलिस को इस बात की सूचना दे देंगे।
ये कैमरे लड़कियों के एक्सप्रेशन को समझने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करेंगे। इन कैमरों को कुछ विशेष 40-45 घटनाओं और संभावनाओं पर रिस्पॉन्स देने के लिए सेट किया जायेगा।
‘हॉटस्पॉट’ स्थानों में पांच-पांच की संख्या में लगाए जाएंगे ये स्मार्ट कैमरे
ये स्मार्ट कैमरे लखनऊ शहर में पुलिस के पहचाने गए 200 क्राइम ‘हॉटस्पॉट’ स्थानों में से हर एक में पांच-पांच की संख्या में लगाए जाएंगे। ‘हॉटस्पॉट’ स्थानों में मुख्य रूप से वे इलाके शामिल हैं, जहां लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अक्सर अपराध की शिकायतें दर्ज होती हैं।

उदाहरण में जैसे सड़क पर कोई महिला जा रही है और तभी कोई उसका पीछा करने लगता है, तो डर के कारण उस महिला के चेहरे के भाव बदल जायेंगे। महिला के फेस एक्सप्रेशन बदलते ही ये कैमरे एक्टिव हो जायेंगे। कैमरा महिला के उसी एक्सप्रेशन को कैप्चर कर लेगा और इससे पहले कि महिला फोन निकालती और फिर मदद के लिए 100 या 112 डायल करती, कैमरा खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा।
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर ने मीडिया के एक संस्थान थे बात करते हुए कहा कि शहर में कुछ ऐसे इलाकों की पहचान की गई, जहां महिलाओं का आना-जाना भी ज्यादा है और महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं भी सबसे ज्यादा सामने आती हैं। माना जा रहा है कि लखनऊ पुलिस द्वारा किये जा रहे इस प्रयास से राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में मददगार साबित होगा और इससे महिलाओं के साथ होने वाले अपराध की घटनाओं में भी कमी होगी।

