रूस में जब से विपक्षी नेता एलेक्स नवलनी को गिरफ्तार किया गया है। तब से वहां हजारों की संख्या में लोग राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है। अमेरिका भी रूस के इस आंतरिक मसले को लेकर लगातार रूस पर प्रहार कर रहा है। एलेक्स नवलनी के समर्थकों को जब रूस की पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया था, उस के बाद अमेरिका रूस को लेकर बयानबाजी कर रहा है। हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिकंन ने कहा है कि जो बाइडन प्रशासन उत्तर-कोरिया और रूस पर नए प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं बताया कि किस तरह प्रतिबंध लगा रहा है।
ब्लिंकन ने कहा कि रूस में नवलनी की गिरफ्तारी और उसके बाद प्रदर्शकारियों पर सरकार की हिंसक कार्रवाई से वह चिंतित हैं। रूस को कहीं बाहर नहीं बल्कि अपने अंदर की कमियों को देखना होगा। रूस की जनता निरंकुशता, भ्रष्टाचार के कारण हताशा में जी रही है। उन्होंने कहा कि हम नवलनी के खिलाफ कार्रवाई और अमेरिका के 2020 के चुनावों में रूसी हस्तक्षेप की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि अमेरिका के बयान के बाद रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि हम ब्लिंकन के बयान को नजरअंदाज करते हैं। साथ ही अमेरिका को किसी भी प्रतिबंध के लिए चेतावनी देते हैं।
एक मीडिया चैनल के साथ हुई बातचीत के दौरान ब्लिंकन ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों पर रूस की हिंसक कार्रवाई से बहुत परेशान हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रमुख आलोचक नवलनी की रिहाई की मांग करने वाले लोगों की देश भर में गिरफ्तारी हुई। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे 5,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
बता दें रुस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कटु आलोचक और विपक्ष के सबसे बड़े नेता एलेक्स नवलनी को मॉस्को एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था। नवलनी पिछले कई महीनों से जर्मन की राजधानी बर्लिन में अपना इलाज करवा रहे थे। नवलनी को पिछली गर्मियों में अंडरवियर के जरिये जहर दिया गया था। जिसके कारण वो काफी बीमार हो गए थे, और अपना इलाज बर्लिन में काफी महीनों करवा रहे थे। नवलनी की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी योलिया नवलनी मोर्चा संभाल रही है। हजारों की संख्या में नवलनी समर्थक रूस की राजधानी मॉस्को समेत देश के अलग-अलग राज्यों में लोग पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। यह प्रदर्शन तब ज्यादा बढ़ गए जब नवलनी ने पुतिन के महल को लेकर एक वीडियों यू-ट्यूब पर शेयर किया। उसके बाद लोग रूस की सड़कों पर पुतिन गो बैक के नारे लगा रहे हैं।