नई दिल्ली। सिंधू बाॅर्डर से गिरफ्तार पत्रकार मनदीप पूनिया जो कि फ्रीलांसिंग के साथ ही कारवां मैग्जीन में काम करते हैं, की रिहार्ठ के लिए पहली फरवरी को रोहिणी की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई। मनदीप पर पुलिस अधिकारी के साथ धक्का मुक्की और बदसलूकी करने आरोप है। अदालत ने इस मामले में अभियोजन तथा बचाव पक्ष की कुछ दलीलें सुनीं। जमानत याचिका पर फैसला 2 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। ऐसे में आज इस मामले में अहम फैसला आ सकता है।
अधिवक्ता प्रदीप खत्री ने रोहिणी स्थित मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लाम्बा की अदालत में याचिका दााखिल करते हुए कहा कि पत्रकार मनदीप पुनिया सिंधू बाॅर्डर पर न्यूज कवरेज के लिए गए थे। उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया जो अपराध के श्रेणी में आता हो। वह एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं और प्रतिष्ठित संस्थान से ही संबंध रखते हैं। मनदीप पुनिया पर लगाए गए आरोप गलत हैं। मनदीप पुनिया को जमानत पर छोड़ा जाना चाहिए। मनदीप पुनिया को एक फरवरी की रात गिरफ्तार किया गया था।
पुनिया के साथ एक और पत्रकार धर्मेन्द्र सिंह को भी हिरासत में लिया गया था। धर्मेन्द्र से एक लिखित माफीनामा लेकर छोड़ दिया गया। इस माफीनामे में लिखवाया गया कि भविष्य में वह पुलिस के साथ इस तरह की अभद्रता नहीं करेगा। पुनिया को एक फरवरी को तिहाड़ जेल में ही मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अखिल मलिक की अदालत में पेश किया गया। पूनिया को चैदह दिन की न्यायिक हिरात में जेल भेज दिया गया था। 2 फरवरी को ताजा जानकारी के अनुसार रोहिणी कोर्ट द्वारा स्वतंत्र पत्रकार को 25 हजार रूपए के मुलचके पर बेल दे दिया गया।

