कुछ ही महीनों बाद असम ,पश्चिम बंगाल,तमिलनाडु के साथ केरल में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन दिनों एक तरफ जहां नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन चल रहा है वहीं अब इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीति भी गरमाने लगी है। केरल विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिक ऐलान न हुआ हो,लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता से सूबे की सियासी सरगर्मी को बढ़ा दिया है। इस बीच केरल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा वैसे-वैसे सभी पार्टियों में बैचेनी दिख रही है। पार्टियों में दल-बदल भी जारी है।
अब केरल के पूर्व डीजीपी जैकब थॉमस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पार्टी में शामिल होते ही थॉमस ने प्रेसकांफ्रेंस में कहा है कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को भष्ट्र है। एलडीएफ और यूडीएफ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। वह भाजपा में इसलिए शामिल हुए ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ सके।
थॉमस ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से थेक्किंकड मैदान में एक सार्वजनिक सभा स्थल पर अपनी सदस्यता ग्रहण की । बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा राज्य के अपने दो दिवसीय दौरे के तहत कोच्चि पहुंचे हैं।