दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में रोजाना हो रही बढ़ोत्तरी केन्द्र सरकार का ‘आर्थिक नीतिगत निर्णय’ है और अदालत को इसमें नहीं पड़ना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने स्पष्ट किया कि वह सरकार के निर्णय पर हस्तक्षेप के लिए तैयार नहीं है। साथ ही उसने कहा,‘‘ इससे बड़े आर्थिक मुद्दे’’ जुड़े हैं।
