नारद स्टिंग ऑपरेशन (Narada Sting Operation) मामले में तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के खिलाफ सीबीआई (CBI) की कार्रवाई से पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) काफी आक्रोशित हो गयी हैं। शहर में कई जगह पर तृणमूल समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
खबर आ रही है कि बर्दवान और इसके आसपास के इलाकों में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सीबीआइ की इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया है।
मुझे भी गिरफ्तार किया जाए : ममता बनर्जी

एक घंटे से ज्यादा तक, ममता बनर्जी निजाम पैलेस स्थित सीबीआइ के कार्यालय में डटी रहीं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह सीबीआइ ऑफिस से बाहर नहीं जायेंगी। वह कार्यालय में ही बैठी रहेंगी, इस बीच गिरफ्तार किये गये नेताओं को बैंकशाल कोर्ट में पेश किये जाने की सीबीआइ तैयारी कर रही है।
दरअसल, सीबीआइ ने सोमवार को सुबह-सुबह ममता बनर्जी की कैबिनेट के मंत्री फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी के अलावा विधायक मदन मित्रा और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को पहले हिरासत में लिया और निजाम पैलेस में लाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
निजाम पैलेस पहुंच गयीं ममता बनर्जी
निजाम पैलेस के 14वें तल्ले पर सभी को अलग-अलग कमरों में रखा गया। बाद में तृणमूल सुप्रीमो को इसकी जानकारी मिली, तो वह भी निजाम पैलेस पहुंच गयीं। तृणमूल कांग्रेस के सैकड़ों समर्थक निजाम पैलेस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निबटने के लिए केंद्रीय बल के जवान भी तैनात है।
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कुलमिलाकर नारद स्टिंग केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। सीबीआइ ने इससे पहले कहा था कि नारद स्टिंग केस में जांच एजेंसी को सोमवार (17 मई) को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी है। इसलिए फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, शोभन चटर्जी और सुब्रत मुखर्जी को हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते फिरहाद हकीम और मदन मित्रा
क्या है मामला ‘नारद स्टिंग’ ?

सीबीआई और ईडी की निष्पक्षता पर सवाल

