“अभी तो बस कुछ प्रतिशत लोगों की आँखें खुली हैं और भक्त इधर उधर भाग रहे हैं। जिस दिन देश की आँखें खुल जाएँगी उस दिन क्या होगा कल्पना करो? आपदा ने राजा की पोल खोल कर रख दी।”
कोरोना काल का यह कडवा सच लिखने वाले हैं पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह। सूर्य प्रताप सिंह ने दो दिन पहले गंगा में बहती लाशों की एक वीडियो साझा की थी। जिसमें उन्होंने योगी सरकार को आईना दिखाया था। इस पर काफी बवाल मचा।
https://twitter.com/suryapsingh_IAS/status/1393531671593422851
पूर्व आईएएस ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि ‘उन्नाव में गंगा के किनारे दफनाई गयी लाशें हिन्दुओं की हैं जिनका अंतिम संस्कार ग़रीबी के कारण वैदिक रीति रिवाज़ से नहीं हो सका l मौत के असली आंकड़े भी इन हिन्दू कब्रों में ही दफ़न हो गए l योगी सरकार की नाकामी के शिकार इन निर्दोषों की मौत में सकारात्मकता कहाँ से खोजें, मोदी जी?’
ये अत्यंत दुखद है की आदित्यनाथ जी की सरकार कोरोना से लड़ने के बजाय सच उजागर करने वाले एक ईमानदार पूर्व IAS अधिकारी @suryapsingh_IAS से लड़ रही है उन देश द्रोह का मुक़दमा करना अन्यायपूर्ण है इस लड़ाई में हम सब उनके साथ हैं। https://t.co/5WxhFuPYEP
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) May 15, 2021
इसके बाद पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह पर दो मुकदमें दर्ज हो गये। पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज उन्नाव में मेरे ऊपर गंभीर धाराओं में एक और मुक़दमा दर्ज कर दिया गया है। उन्नाव पुलिस का कहना है की ‘तैरती लाशों’ पर मेरे द्वारा किया गया ट्वीट भ्रामक है। योगी जी ने दो दिन में लगातार दो ‘मुक़दमे’ तोहफ़े में दिए हैं। ये ‘यूपी मॉडल’ की पोल खोलने का इनाम है।
दूसरी तरफ इस मामले पर योगी सरकार की आलोचना हो रही है। आम आदमी पार्टी ने पूर्व आईएएस के मामले में अपना स्टैंड लेते हुए योगी सरकार की घेराबंदी की है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह का समर्थन करते हुए एक ट्वीट किया है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि ‘ये अत्यंत दुखद है की आदित्यनाथ जी की सरकार कोरोना से लड़ने के बजाय सच उजागर करने वाले एक ईमानदार पूर्व IAS अधिकारी @suryapsingh_IAS से लड़ रही है उन देश द्रोह का मुक़दमा करना अन्यायपूर्ण है इस लड़ाई में हम सब उनके साथ हैं।’
जबकि आज एक घंटा पहले सूर्य प्रताप सिंह ने लिखा है कि ‘सुनो हुक्मरानों ये आंकड़ेबाजी अच्छी नही लगती, जिनकी टूट गयी साँसे उनसे मक्कारी अच्छी नही लगती! बताती है हाल तुम्हारे निजाम का ये तैरती लाशें, अब तुम्हारी झूठी इमानदारी अच्छी नही लगती..! सुनो सत्ता और साहब के दलालों तुम पर ये ख़ुद्दारी अच्छी नही लगती..!’
जबकि इससे पहले उन्होंने बंगाल चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के द्वारा बोले गए शब्दों को कुछ यू बयां किया …’मोदी जी, ओ मोदी जी,
गंगा माँ भी रो दी जी l’ एक दिन पहले ही उन्होंने लिखा है कि अख़बारों की खबर, मीडिया रिपोर्ट्स और बहती लाशों की फिक्र किसे है? सरकार जो आँकड़े जारी करेगी वही मानने पड़ेंगे, बाकी सब ‘फेक न्यूज’ है। गाँव में लोग मरते रहें बिना जाँच और इलाज, पर सरकारी आँकड़ों में तो कोरोना अब उत्तरप्रदेश में बचा ही नहीं है। कुछ बोलिए मत, वरना FIR हो जाएगी।