entertainment

सिनेमा से दूर हुई सितारों की संतानें

  • जर्नादन कुमार सिंह

 

हर साल बॉलीवुड में स्टार किड्स की एंट्री को लेकर पहले से ही चर्चा होने लगती है। वहीं इन दिनों शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान और संजय कपूर की बेटी शनाया कपूर के डेब्यू को लेकर चर्चा जोरों पर है। जहां एक ओर जावेद जाफरी के सुपुत्र मिजान जाफरी और चंकी पाण्डेय की बेटी अनन्या पाण्डेय बड़े पर्दे पर धमाल मचा रहे हैं, वहीं इससे पहले कई ऐसे भी स्टार किड्स हैं जिन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू तो किया लेकिन दो-चार, दस फिल्मों के साथ ही फ्लॉप साबित हुए। जिसके चलते उन्हें झोला उठाकर बी-टाउन से दूर जाना पड़ा। आज ऐसे ही कुछ स्टार किड्स के बारे में चर्चा करेंगे जो बॉलीवुड छोड़कर चले गए हैं। तो आइए सबसे पहले बात करते हैं अभिनेता राजकुमार के सुपुत्र पुरु राजकुमार की। पुरु की बॉलीवुड में एंट्री 1996 में ‘बाल ब्रह्मचारी’ से हुई। 1996 से 2014 तक लगभग 16 फिल्मों में छोटे-बड़े रोल किए हैं, लेकिन बॉलीवुड में अपनी जगह नहीं बना पाए। उनकी आखिरी फिल्म 2014 में ‘एक्शन जैक्सन’ में नजर आए थे, लेकिन तब भी पुरु को कोई खास पहचान नहीं मिली। तब से अब तक यानी पिछले सात सालों से वह फिल्मों से दूर रह रहे हैं।

पुरु के बाद ऐसा ही कुछ हाल रहा शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन का। शेखर ने बड़े और छोटे दोनों ही पर्दे पर अपना खूब नाम कमाया और दर्शकां को एंटरटेन किया। वहीं अध्ययन सुमन ऐसा करने में असफल रहे। 2008 में फिल्म ‘हाल-ए-दिल’ से उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री ली। ‘राज-द मिस्ट्री कंटीन्यूज’ जैसी फ्रेंचाइजी का भी हिस्सा बने। लेकिन बॉलीवुड में स्थापित होने में असफल हुए। हालांकि वह कुछ समय पहले ‘आश्रम 2’ के वेब सीरीज में नजर आए। लेकिन यहां भी वह कुछ खास पहचान नहीं बना पाए।जाने-माने अभिनेता संजय खान के सुपुत्र जायद खान ने बॉलीवुड में साल 2003 में फिल्म ‘चुरा लिया है तुमने’ से डेब्यू किया था। इसके लिए उन्हें फिल्म फेयर में नॉमिनेशन भी मिला। इसके अलावा उन्होंने अपनी फिल्मी करियर में ‘मैं हूं ना’, ‘दस’, ‘युवराज’ और ‘कैश’ सहित लगभग 15 फिल्में की। बावजूद इसके बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने में असफल रहे। जायद की 2015 में आई ‘शराफत गई तेल लेने’ आखिरी फिल्म थी।

राज्यसभा सांसद और अभिनेता राज बब्बर और नादिरा बब्बर के बेटे आर्य बब्बर-जूही की संतान हैं। आर्य बब्बर ने बॉलीवुड में डेब्यू साल 2002 फिल्म ‘अब के बरस’ से किया। फिल्म में आर्य डबल रोल में नजर आए। फिल्म फ्लॉप साबित हुई और इसके साथ ही आर्य का करियर भी। आर्य सलमान खान और अक्षय कुमार के साथ भी काम कर चुके हैं। सलमान खान की फिल्म ‘रेडी’ और अक्षय कुमार की ‘जोकर’ जैसी करीब 20 से अधिक फिल्मों में नजर आए। आर्य कई पंजाबी फिल्मों में और कलर्स टीवी के रियलिटी शो ‘बिग बॉस-8’ में भी नजर आए, लेकिन बात न इधर बनी न उधर।

ऐसा ही कुछ आर्य की बहन जूही बब्बर का भी बॉलीवुड में रहा। जूही ने 2003 में आई फिल्म ‘काश आप हमारे होते’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। जूही अब करीब 6 फिल्में कर चुकी हैं। इसके अलावा वह टीवी धारावाहिक ‘घर की बात है’ में भी दिखाई दी। उनकी आखिरी फिल्म 2020 में आई ‘इट्स माय लाइफ’ है। जूही बब्बर ने 2007 में स्क्रीनप्ले राइटर बिजॉय नाम्बियार से शादी कर ली थी और दो साल बाद ही 2009 में दोनों का तलाक हो गया। इन दिनों जूही अभिनेता अनूप सोनी संग शादी कर फिर से घर बसा लिया है। अगली बारी आती है सुपर स्टार राजेश खन्ना और डिम्पल कपाड़िया की दूसरी बेटी रिंकी खन्ना की। रिंकी भी अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने की हसरत लिए बॉलीवुड में आई थीं। रिंकी ने 1999 में फिल्म ‘प्यार में कभी-कभी’ से डेब्यू किया। लगभग 5 साल के फिल्मी करियर में दर्शकों ने उन्हें खारिज कर दिया। 2004 में उनकी आखिरी फिल्म ‘चमेली आई थी। इस दौरान उन्होंने लगभग 9 फिल्मों में नजर आई और बाद दर्शकों ने उन्हेें नकार दिया। इसे इस तरह भी देख सकते हैं कि 5 साल में 9 बार मौके मिले रिंकी को अपना जलवा दिखाने का पर वह दर्शकों को लुभाने में नाकाम रहीं।

अभिनेत्री तनुजा की बेटी और काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी ने भी इन दोनों की तरह अपना भाग्य आजमाया, पर वह सफल नहीं हो पाई। इनके अलावा अपने जीजा अजय देवगन, इन तीनों के मुकाबले तनीषा का फिल्मी करियर परवान नहीं चढ़ पाया।। तनीषा ने 2003 में करणनाथ के अपॉजिट ‘शश्श्श्श्श्श…’ से सिनेमा जगत में हिस्सा लिया था। वह इसके बाद ‘नील एंड निक्की’, ‘टैंगो चार्ली’ आदि कई फिल्मों में नजर आईं। इससे पहले वह रियलिटी शो ‘बिग बॉस-7’ में भी नजर आए। अब बात आती है बंगाली दादा सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती और योगिता बाली के बेटे मिमोह चक्रवर्ती का हाल भी इस कड़ी के स्टारकिड की तरह ही रहे। मिमोह की बॉलीवुड में एंट्री साल 2007 में ‘द मर्डर’ से हुई। लेकिन इस साल बेस्ट डेब्यू के लिए फिल्म फेयर नॉमिनेशन तो मिला लेकिन इनका भी करियर बाकियों की तरह ही रहा। वह भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए और जल्द ही बॉलीवुड से किनारा कर लिया। मिमोह लगभग 8 फिल्मों में नजर आ चुके हैं। इनमें एक बंगाली फिल्म भी शामिल है। आखिरी बार वह 2015 में आई फिल्म ‘इश्कदारीयन’ में नजर आए।

जाने-माने फिल्म मेकर्स यश चोपड़ा के दूसरे बेटे उदय चोपड़ा ने बॉलीवुड में अपना भाग्य आजमाने की सोची और डायरेक्टर-प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा की 2000 में आई फिल्म ‘मोहब्बतें’ से सिनेमा में एंट्री ली। इसके बाद एक के बाद एक कई बड़ी फिल्में की। ‘धूम’ सीरीज की आखिरी फिल्म ‘धूम-3’ जो 2013 में आई उसमें नजर आए। आदित्य चोपड़ा की तरह ही उदय भी अब फिल्म प्रोड्यूस करने में लगे हैं। अगला नाम है विनोद खन्ना के बेटे राहुल खन्ना का। विनोद बॉलीवुड के ऐसे अभिनेता थे जिनके स्टारडम के आगे कभी बिग बी अमिताभ बच्चन भी हल्के पड़ने लगे। वहीं 1999 में दीपा मेहता की फिल्म ‘अर्थ’ से बॉलीवुड में एंट्री करने वाले राहुल खन्ना की रही, वह भी पुरु की तरह लगभग 11 फिल्में की। राहुल की आखिरी फिल्म 2020 में आई ‘येह बैल्ट’ थी। इसके अलावा वे ‘बॉलीवुड- हॉलीवुड’, ‘रकीव’, ‘ऐलान’, ‘लव आज कल’ और ‘वेक अप सिड’ जैसी फिल्मों में नजर आए। लेकिन बॉलीवुड में अपनी जगह नहीं बना पाए।

You may also like