तमाम आशंकाओं और अफवाहों के बीच उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की पिछले दिनों गोपनीय बैठक के समाचार ने जहां भाजपा खेमे में बेचैनी बढ़ा डाली है तो सपा-बसपा में भारी उत्साह का संचार हुआ है। जानकारों की मानें तो सपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ के फार्म हाउस में कुछ दिन हुए अखिलेश यादव और मायावती के बीच लंबी वार्ता हुई। बातचीत को गुप्त रखने की नीयत चलते दोनों ही नेता बगैर अपने सुरक्षा बंदोबस्त के संजय सेठ के फार्म हाउस में मिले। इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि सीटों के बंटवारे पर सहमति बनना है। खबर है कि बसपा पैंतालीस सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो सपा इक्कतीस पर। चार सीटें अजीत सिंह के लिए छोड़ी गई हैं तो रायबरेली और अमेठी में दोनों ही दल कांग्रेस प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे। मामला अब केवल गठबंधन की औपचारिक घोषणा का है। पूरी संभावना है कि जनवरी के पहले सप्ताह में इसकी विधिवत घोषणा कर दी जाएंगी। जाहिर है भाजपा खेमे में इस खबर से भारी बेचैनी है क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में सपा-बसपा गठबंधन होने की सूरत में राज्य से भाजपा को भारी नुकसान का आकलन जो किया है।
सपा-बसपा गठबंधन तय

