देश में नए साल के साथ ही महिलाओं का नया संघर्ष भी शुरू हो गया है। सुल्ली डील्स के बाद एक बार फिर से प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं को इंटरनेट पर टारगेट किया जाने लगा है।1 जनवरी को ‘बुल्ली बाई’ नाम के एक ऐप पर करीब सौ से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं की फोटो बिना सहमति के अपलोड कर दी गईं। इस ऐप में इन महिलाओं की फोटो लगाए जाने से भरी विवाद शुरू हो गया है। इस मामले में उत्तराखंड से एक 19 वर्षीय युवती श्वेता सिंह व बेंगलुरु से इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार झा को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, पिछले साल ‘सुल्ली डील्स’ नाम से एक ऐप पर कुछ मुस्लिम महिलाओं की फोटो नीलामी के लिए डाल दी गई थी। उसी तरह का मामला बुल्ली बाई ऐप पर सामने आया है। इन दोनों ऐप्स में उन महिलाओं को निशाना बनाया जाता है जो सोशल मीडिया पर अपनी बातों को खुलकर रखती हैं। महिला को ट्रोल करना सोशल मीडिया पर लोगों के लिए सबसे आसान काम बन गया है और ये ट्रोलिंग कई बार प्ररेशन करने वाली होती है।
‘सुल्ली डील्स’ ऐप से भी हुआ था विवाद
वर्ष 2021 में ‘सुल्ली डील्स’ नाम के ऐप के जरिए देश के कई प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की आपत्तिजनक फोटो को शेयर किए गए थे। इस ऐप पर इनकी नीलामी की गई थी।यह ऐप लोगों को ‘फाइंड योर सुल्ली डील ऑफ द डे’ का नोटिफिकेशन भी भेजता था।इस ऐप को ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म गिटहब पर बनाया गया था।उस समय सुल्ली डील्स मामले में दिल्ली और नोएडा में महिलाओं ने शिकायत की थी। एफ आई आर भी दर्ज की गई थी, लेकिन आज तक जांच में कुछ नहीं निकला है।
‘बुल्ली बाई’ ऐप क्या है?
‘सुल्ली डील्स’ की तरह ‘बुल्ली बाई’ ऐप भी गिट हब होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर बनाया और इस्तेमाल किया गया है। यह ऐप बिलकुल ”सुल्ली डील्स’ की तरह ही काम करता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,इस ऐप को ओपन करते ही मुस्लिम महिलाओं की नीलामी की तस्वीर सामने आती है। इस ऐप को 1 जनवरी को लॉन्च किया गया था।इसमें अपमानजनक कंटेंट के साथ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की कई तस्वीरें थीं।
‘बुल्ली बाई’ का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई चर्चित महिलाओं ने अपनी फोटो बुल्ली बाई ऐप अपलोड किए जाने का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। द वायर की पत्रकार इस्मत आरा ने भी अपनी स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि वह इस मामले की जांच कर रहा है।
पत्रकार इस्मत आरा ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘ये बहुत दुख की बात है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में मुझे नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है। बेशक इस नए मामले में मुझे अकेले निशाना नहीं बनाया गया है, आज सुबह एक दोस्त ने ये स्क्रीनशॉट भेजा। नववर्ष की शुभकामनाएं।’
It is very sad that as a Muslim woman you have to start your new year with this sense of fear & disgust. Of course it goes without saying that I am not the only one being targeted in this new version of #sullideals. Screenshot sent by a friend this morning.
Happy new year. pic.twitter.com/pHuzuRrNXR
— Ismat Ara (@IsmatAraa) January 1, 2022
आरजे सायमा ने भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘सुल्ली डील्स की तर्ज पर बनाए गए बुल्ली डील्स ऐप पर कई मुस्लिम लड़कियों की तरह मेरा प्रोफ़ाइल भी बनाया गया है। यहाँ तक कि नजीब की माँ को भी नहीं बख्शा गया है। यह भारत की टूटी-फूटी न्याय व्यवस्था, एक जर्जर क़ानून-व्यवस्था व्यवस्था का प्रतिबिंब है। क्या हम महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश बनते जा रहे हैं?’
There are many Muslim names,including mine,in the obnoxious #BulliDeals , same as #SulliDeals
Even Najeeb's mother has not been spared. It's a reflection on India's broken justice system, a dilapidated law n order arrangement. Are we becoming the most unsafe country for women?— Sayema (@_sayema) January 1, 2022
पत्रकार हिबा बेग ट्विटर पर लिखती है ‘कि कोरोना के कारण अपनी दादी को खोने के बाद आज मैं पहली बार उनकी क़ब्र पर गई। जैसे ही मैं घर जाने के लिए कार में बैठी, मुझे दोस्तों ने बताया कि एक बार फिर मेरी तस्वीरों की नीलामी की जा रही है। बुली डील्स पर। पिछली बार इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया, और यह फिर से हो रहा है। ‘उन्होंने आगे लिखा कि’मैंने ख़ुद को सेंसर कर लिया है, मैं अब शायद ही यहां (ट्विटर पर) बोलती हूं, लेकिन फिर भी, मुझे ऑनलाइन बेचा जा रहा है, मेरा सौदा किया जा रहा है। मैं इस देश में सुरक्षित नहीं हूं, मेरे जैसी मुस्लिम महिलाएं इस देश में सुरक्षित नहीं हैं। कार्रवाई के लिए हमें कितने ऑनलाइन सौदे देखने होंगे? हमारी मदद करिए!’
https://twitter.com/HibaBeg/status/1477247519159582720
मामले पर क्या कार्रवाई हुई?
इस तरह के शिकायत आने के बाद सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘गिटहब’ ने अपराधी के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है और पुलिस तथा कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार इस मामले पर दिल्ली और मुंबई पुलिस के साथ काम कर रही है।
GitHub confirmed blocking the user this morning itself.
CERT and Police authorities are coordinating further action. https://t.co/6yLIZTO5Ce— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 1, 2022
इससे पहले शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘मैंने मुंबई पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त रश्मि करांदिकर जी से बात की है। वे इसकी जांच करेंगे। मैंने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक से भी हस्तक्षेप करने के लिए बात की है। उम्मीद है कि इस तरह की गलत साइट के पीछे जो लोग हैं उन्हें पकड़ा जाएगा।’ उन्होंने साथ ही कहा मैंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री माननीय अश्विनी वैष्णव जी से भी उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया जो ‘सुल्ली डील्स’ जैसे प्लेटफार्म के जरिये महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। शर्म की बात है कि इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके बाद इस पूरे मामले पर मुंबई पुलिस ने संज्ञान लेते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा गया है।
https://twitter.com/priyankac19/status/1477233494849769472
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, ‘गिट हब’ ने ही सुल्ली डील्स को भी होस्ट किया था। लेकिन विवाद बढ़ने के साथ ही इसे हटा दिया था। ‘गिटहब’ का मुख्यालय अमेरिका के सैन डिएगो में है। वहा से इस मामले में अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
विपक्षी दल हुए हमलावर
विपक्ष इस मामले को लेकर केंद्र के भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि ‘सांप्रदायिक ताकतें यौन हिंसा को अपना हथियार समझती हैं। नफरत की फसल बोने वाले जो लोग आज पहचान के आधार पर महिलाओं को टारगेट कर यौन हिंसा कर रहे हैं। वे समाज, संविधान व देश विरोधी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह के अपराधियों पर एक्शन न लेना आपकी सरकार की महिला विरोधी विचारधारा को दर्शाता है।’
सांप्रदायिक ताकतें यौन हिंसा को अपना हथियार समझती हैं। नफरत की फसल बोने वाले जो लोग आज पहचान के आधार पर महिलाओं को टारगेट कर यौन हिंसा कर रहे हैं वे समाज, संविधान व देश विरोधी हैं@narendramodi जी इस तरह के लोगों पर एक्शन न लेना आपकी सरकार की महिला विरोधी विचारधारा को दर्शाता है
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) January 2, 2022
इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि ‘महिलाओं का अपमान और सांप्रदायिक नफरत तभी बंद होंगे जब हम सब एक आवाज में इसके खिलाफ खड़े होंगे। साल बदला है, हाल भी बदलो- अब बोलना होगा।’
महिलाओं का अपमान और सांप्रदायिक नफ़रत तभी बंद होंगे जब हम सब एक आवाज़ में इसके ख़िलाफ़ खड़े होंगे।
साल बदला है, हाल भी बदलो- अब बोलना होगा!#NoFear
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2022
शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा है कि ‘मैंने बार-बार माननीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से सुल्ली डील जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं के इस तरह के बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक तौर पर निशाना बनाए जाने के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। लेकिन ये शर्म की बात है कि इसे लगातार नज़रअंदाज़ किया गया, जिसके चलते ये अभी भी जारी है। प्रियंका चतुर्वेदीने आगे कहा कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, हालांकि आपत्तिजनक ऐप और साइटों को ब्लॉक कर दिया गया है। ‘सुल्ली डील्स’ के बाद ‘बुल्ली डील्स’ के फिर से शुरू होने से पहले मेरे द्वारा 30 जुलाई और 6 सितंबर, 2021 को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा गया था, जिसका जवाब मुझे 2 नवंबर को मिला, जो निराशाजनक है।’
https://twitter.com/priyankac19/status/1477190564202225670
राष्ट्रीय महिला आयोग ने की जल्द कार्रवाई की मांग
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मामले की करवाई करने को कहा है। ताकि इस तरह के अपराध देश में फिर से ना हो। इतना ही नहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने दोनों मामलों में की गई कार्रवाई के बारे में जल्द से जल्द आयोग को सूचित करने के लिए कहा है।
इस मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि ‘सुल्ली’ या ‘सुल्ला’ मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है। ‘बुल्ली’ भी इसी शब्द का पर्यायवाची है। इससे साफ़ पता चलता है कि इस तरह का काम देश की प्रतिष्ठित प्रत्रकार,छात्र,सामाजिक कार्यकर्ता,आदि मुस्लिम महिलाओं का मानसिक सामाजिक शोषण करने के लिए किया जा रहा है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में महिलाओं के लिए कोई डिजिटल सुरक्षा कानून न होना अपने आप में एक गंभीर समस्या है। इसका फायदा सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई जैसे ऐप बनाने वाले लोग उठाते है। इस तरह के मामले को रोकने के लिए सरकार को जरुरी कदम उठाने चाहिए।