उत्तर प्रदेश सहित पांच महत्वपूर्ण राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। चुनावी राज्यों में दल बदल , आरोप – प्रत्यारोप और जुबानी जंग का दौर चरम पर है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में चुनाव हो और धर्म को लेकर राजनीति न हो ऐसा संभव नहीं। इसकी शुरुआत प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कर डाली है।
राज्य में इन दिनों यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ का बयान सर्खियों में गूंज रहा है। योगी आदित्यनाथ ने एक बयान में कहा कि राज्य में 80 फीसदी हिंदू बीजेपी के पक्ष में है, इसलिए इस बार की लड़ाई 80 बनाम 20 की है।
दरअसल , दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल में हुए कामों पर बोल रहे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार की लड़ाई 80 बनाम 20 की है। अब उनके इन बयानों से जुबानी जंग तेज हो गई है। उनके इस बयान के बाद इतना तो तय है कि आने वाले दिनों में इन्हीं शब्दों से यूपी चुनाव की दशा और दिशा तय होती नजर आएगी।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ लोग अभी भी गलतफहमी का शिकार हैं जो यूपी पर अपने आंकड़े थोप रहे हैं क्योंकि ये चुनाव हिंदू बनाम मुश्लिम का होगा। मसलन 80 फीसदी समर्थक एक तरफ भाजपा के होंगे 20 फीसदी समर्थक दूसरी तरफ होंगे।
सीएम योगी यहीं नहीं रुके, उन्होंने खुल कर कहा कि हिंदू विरोधी तत्व उन पर कभी भरोसा नहीं करते, भले ही वो कुछ भी कर दें। ‘हिंदू विरोधी तत्व पहले भी मुझ पर भरोसा नहीं करते थे, और आगे भी नहीं करेंगे। इतना ही नहीं सीएम योगी ने कहा कि अगर मैं अपनी गर्दन काटकर ऐसे लोगों के सामने रख दूं तो भी इन्हें मुझ पर यकीन नहीं होगा।’
योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक दलों में जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने समाजवादी और अंबेडकरवादी का योग 85 फीसदी बताते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। सपा प्रवक्ता सुनील यादव ने कहा है कि ‘योगी जी जो कह रहे हैं 20 और 80 की लड़ाई , उनका गणित गड़बड़ है, लड़ाई 15 और 85 की है, जब समाजवादी और अंबेडकरवादी मिल गए तो हो गए 85 और 15 में भी हम वोट लेंगे तो अब समझ लें वो अपना गणित।
कांग्रेस ने यूपी के योगी के बयान को साम्प्रदयिक करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक पोस्ट टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि ‘माननीय केंद्रीय चुनाव आयोग, आपको और क्या प्रमाण चाहिए? जो भी धर्म के नाम पर वोट मांगता हो उसके ख़िलाफ़ साहस दिखा कर कार्रवाई करिए अन्यथा आपको इतिहास माफ नहीं करेगा। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ‘यूपी का चुनाव सांप्रदायिक मुद्दों पर नहीं होंगे, 80 बनाम 20 पर नहीं होंगे, 60 बनाम 40 पर नहीं होंगे, यूपी के चुनाव बेरोजगारी पर होंगे, माताओं-बहनों की सम्मान पर होंगे, किसानों की फसल के उचित मूल्य पर होंगे।
गौरतलब है कि यूपी में हिंदू मतदाता 79.73 फीसदी है। जबकि मुस्लिम मतदाता महज 19.26 फीसदी ही है। इसके अलावा ईसाई 0.18प्रतिशत ,सिख 0.32 प्रतिशत ,बौद्ध 0.10 प्रतिशत ,जैन 0.01 प्रतिशत और अन्य 0.40 प्रतिशत मतदाता हैं।

