उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे ललितपुर के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह आ रही है कि फरियादी को अधिकारियों ने दो बार मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नहीं जाने दिया गया। बताया जाता है कि तीसरी बार में वह जनता दरबार में घुसने के लिए बाउंड्री फांद रहा था इस दौरान गिरने से उसकी मौत हो गई।
जबकि मृतक युवक के पिता ने मौत की इस कहानी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महज 5 फुट की दीवार से गिरने से उनके बेटे की मौत कैसे हो गई। यह मामला जिला ललितपुर के उदयपुर गांव निवासी अच्छेलाल पाल के बेटे का है।
उनका बेटा राजकुमार मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत लेकर शनिवार को गया था। लेकिन उनके पास सोमवार को खबर आई कि उनके बेटे की मौत हो गई है। राजकुमार की रहस्यमय मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले की एक कड़ी गत विधानसभा चुनावों से भी जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक युवक और उनके परिवार पर उनके गांव के प्रधान रामरतन यादव ने कुछ दिन पहले ही हमला किया था। यह प्रधान अच्छे लाल पाल के परिवार से इसलिए नाराज था कि इन्होंने भाजपा को वोट दिया था।
इसके चलते नाराज प्रधान ने उनके पूरे घर के लोगों की पिटाई की। यही नहीं बल्कि घर के पास की जमीन जिस पर वह मकान बनवा रहे थे उस पर भी प्रधान ने अवैध कब्जा कर लिया।
इस मामले की शिकायत अच्छे लाल पाल के परिवार में स्थानीय थाना से लेकर एसएसपी तक की। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उनका बेटा राजकुमार अपनी फरियाद लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचा। लेकिन यहां भी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया ।
बताया जा रहा है कि राजकुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के बाएं तरफ चोट के निशान पाए गए हैं । इस पर डॉक्टरों का कहना है कि यह किसी भारी चीज से सिर पर वार करने से हुआ है। इसके अलावा मृतक के दाए कान से भी खून निकलने को मारपीट की वजह बताया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों को देखें तो ऐसा लग रहा है कि मृतक के साथ मारपीट की गई। दूसरी तरफ सूत्र यह भी बता रहे हैं कि सोमवार को राजकुमार को पुलिस थाने में ले गई। अगर सोमवार को राजकुमार को पुलिस थाने में ले गई तो वह दीवार फांदते समय गिरकर कैसे मरा यह भी एक सवाल है।

