Uttarakhand

रंजिश में दर्ज कराया झूठा मुकदमा

24 अगस्त, 2018ः नैनीताल जनपद के बेतालघाट थाने में एक तहरीर दी जाती है। जिसमें वादी संदीप बधानी निवासी कटनी सेठी ने दिव्य रावत पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने 10-12साथियों के साथ मिलकर उस पर प्राणघातक हमला किया। अपनी गाड़ी से उसकी गाड़ी को खाई में धकेलने की नीयत से टक्कर मारी और धमकी दी।
29 अगस्त, 2018ः प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने संदीप बधानी की तहरीर पर कार्यवाही करने के आदेश दिए।
31 अगस्त, 2018ः प्रदेश के प्रमुख सचिव आनंद वर्धन द्वारा बधानी के पत्र को हस्ताक्षरित करते हुए कड़ी कार्यवाही करने की संस्तुति की गई।
3 अक्टूबर, 2018ः इस मामले पर थाना बेतालघाट, जनपदनैनीताल की उपनिरीक्षक एवं जांच अधिकारी निशा पांडे ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच रिपोर्ट प्रेषित की। जांच रिपोर्ट में उन्होंने दोनों पक्षों के राजीनामे की बात कही। साथ ही उन्होंने अपने निष्कर्ष में स्पष्ट लिखा कि थाना स्तर से किसी कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। निशा पांडे ने यह भी लिखा कि प्रार्थना पत्र वादी द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर प्रेषित किया गया है। इसी दिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौता पत्र पर दिव्य रावत के साथ ही संदीप बधानी के हस्ताक्षर हैं। गौरतलब यह है कि इस समझौता पत्र पर प्रमोद नैनवाल पुत्र श्री चंद्र दत्त नैनवाल के भी हस्ताक्षर हैं। रानीखेत से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रमोद नैनवाल के भतरोजखान स्थित पेट्रोल पंप पर संदीप बधानी नौकरी करता है। बधानी प्रमोद नैनवाल का रिश्तेदार है। हाल -फिलहाल वह भतरोजखान में रहता है।

घटना-दो
15 जनवरी, 2019ः नैनीताल जनपद की कोतवाली हल्द्वानी में एक रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाला शख्स सतीश नैनवाल निवासी रौतेला काॅलोनी हल्द्वानी है। उसने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वह अपनी पत्नी को दिखाने कृष्णा अस्पताल गया तो वहां दिव्य रावत और सचिन जलाल नामक व्यक्ति ने उससे गाली-गलौच की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए उसकी पत्नी को गिरा दिया। घटना का समय तीन बजे दर्शाया गया हैं सतीश नैनवाल रानीखते से विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रमोदनैनवाल का भाई है।
15 जनवरी, 2019ः कृष्णा अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅक्टर दिनेश चंद्र पंत की रिपोर्ट के अनुसार दिव्य रावत कृष्णा अस्पताल में 15 जनवरी 2019 के दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर एडमिट हो गए थे। दिव्य रावत को अस्पताल की एमरजेंसी में एडमिट किया गया। जिनको आगले दिन यानी 16 जनवरी 2019 को 11 बजकर 48 मिनट पर डिस्चार्ज किया गया।
18 जनवरी, 2019ः कृष्णा अस्पताल के महाप्रबंधक डाॅक्टर कुलप्रीत बजाज के अनुसार पेशेंट दिव्य रावत 15 जनवरी 2019 को 12 बजकर 33 मिट पर अस्पताल में एडिमिट हुए और अगले दिन 11 बजकर 48 मिनट पर डिस्चार्ज हुए हैं। इसकी हमारे पास सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।
20 जनवरी, 2019ः कृष्णा अस्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज डीएम धपोला के अनुसार अस्पताल में उत्तराखण्ड पुलिस की वर्दी में एक दो स्टार वाली माहिला पुलिसकर्मी आई थी। वह हमारे सीसीटीवी रिकाॅर्ड रूम से 15 जनवरी 2019 की फुटेज लेकर गई थीं।।

  घटना- तीन
31 जनवरी, 2019ः राजेश मठपाल पुत्र प्रकाश मठपाल निवासी नवाबी रोड, हल्द्वानी ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक तहरीर दी। इसमें कहा गया कि 29 जनवरी 2019 और 30 जनवरी 2019 को उसके फोन पर 8449794625, 9639701444, 8057555703 नंबरों से फोन आए जिसमें उसे जान से मारने और गोली मारने की धमकी दी गई। इन नम्बरो से फोन करने वालों ने अपना नाम अमन गुप्ता एवं राहुल श्रीवास्तव बताया और कहा कि उनके परिजनों को वाहन से टक्कर मारने का प्रयास किया गया। लेकिन जब राजेश मठपाल द्वारा कहा गया कि वह इस कथित घटना के समय शहर में मौजूद नहीं था तो उक्त दोनों ने एके47 से भून डालने की धमकी दी। धमकी देने वालों में से एक जिलाबदर भी बताया गया है। पुलिस को फोन रिकाॅर्डिंग उपलब्ध कराने के बावजूद कई दिनो तक पीड़ित अपनी जान की सलामती के लिए दर-दर भटकता रहा। यहां तक कि इस दौरान फोन पर जान से मारने की धमकी देने वाला व्यक्ति दर्जनों अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को लेकर सितारगंज से चोरगलिया तक भी आ पहुंचा था। लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकामयाब रही। सर्वविदित है कि राजेश मठपाल, सचिन जलाल और दिव्य रावत कारोबारी मित्र हैं।।

 पीड़ित ने लगाई सुरक्षा की गुहार
एक के बाद एक मामले दर्ज होने और पुलिसिया कार्यवाही से आजिज आ चुके दिव्य रावत ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष सुरक्षा की गुहार लगाई है। रावत ने एसएसपी को एक पत्र लिखकर जीवनभय की आशंका के चलते सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। पुलिस कप्तान को लिखे पत्र में रावत ने कहा है कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार भाजपा के पूर्व नेता प्रमोद नैनवाल और उनके भाई सतीश नैनवाल द्वारा अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। रावत के अनुसार नैनवाल ब्रदर्स राजनीतिक रूप से सक्षम एवं
सक्रिय होने के कारण दबाव डालने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018 और 2019 के दो मामलों का जिक्र करते हुए कहा है कि नैनवाल ब्रदर्स मुझसे आपसी रंजिश रखते हैं और मुझे झूठे मामलों में फंसाने के दुष्चक्र रचते रहते हैं। उन्होंने पत्र में 15 जनवरी 2019 के मामले को भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा और कहा कि उस दिन मेरी किस्मत अच्छी थी कि मै बीमार हो गया जिसके चलते मैकृष्णा अस्पताल मे  एडमिट हुआ। बकायदा सीसीटीवी फुटेज और डाॅक्टरी चिकित्सा से सच्चाई सामने है। अगर ऐसा ना होता तो मुझे नैनवाल द्वारा फर्जी मामले में फंसा दिया गया होता। रावत ने यह भी कहा है कि प्रमोद नैनवाल पूर्व में रानीखेत से निर्दलीय चुनाव लड़ चुका है। भाजपा के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं का वरदहस्त उसे बराबर मिल रहा है।।

 

उक्त तीनों घटनाओं को देखें तो पता चल जाएगा कि इनमें किस तरह दिव्य रावत को निशाने पर रखा गया है। दिव्य रावत ‘माही मिनरल्स’ नामक कंपनी का प्रोपराइटर है। अल्मोड़ा के सोनी गांव निवासी दिव्य रावत का नैनीताल जिले के बेतालघाट एवं बागेश्वर क्षेत्र में माइनिंग का व्यवसाय है। हरीश रावत सरकार के दौरान दिव्य रावत को बकायदा पट्टा जारी किया गया था। जब से उनको पट्टा जारी हुआ तभी से उनके खिलाफ राजनीतिक दुष्चक्र रचे जाने लगे। इसका उदाहरण है 28 अगस्त 2018 का वह मामला जो बेतालघाट थाने तक पहुंचा। इस मामले में जिस तरह से प्रदेश के वरिष्ठ अफसरों ने सिफारिश की वह चैंकाने वाला है। खास बात यह है कि दो-दो प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों ने जिस मामले में हस्तक्षेप किया वह जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इससे पहले कि सच्चाई सामने आती वादी सतीश नैनवाल द्वारा मामले में समझौता कर लिया गया। बता दें कि सतीश नैनवाल पूर्व भाजपा नेता प्रमोद नैनवाल का भाई है। जिस पर भतरोजखान थाने में दो मामले दर्ज है । जिनमे से एक वर्ष 2008 मे दर्ज हुआ जिसमे  सतीश नैनवाल बरी हो गया। जबकि दूसरा मामला वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ। अपराध संख्या 4/2017 आईपीसी धारा 1,47,148,349, 324 और 427 मे सतीश नैनवाल पर दर्ज दूसरा मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं

बात अपनी-अपनी
मामले की जांच कराई जाएगी। जिस अस्पताल में आरोपी
एडमिट था उसकी सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी।
सुधीर कुमार मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल
कृष्णा अस्पताल से हमने सीसीटीवी फुटेज मंगवा ली है।
जिसमें दिव्य रावत भर्ती हैं। हमारी जांच में दिव्य रावत को क्लीन चिट दी गई है, बाकी अन्य आरोपियों की जांच की जा रही है।
विक्रम राठौड़, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी
हल्द्वानी में अस्पताल के सामने हमारे भाई और बहू के साथ बदतमीजी की गई। जिसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
हमारे खेतों से अवैध खनन किया गया है। जिसके खिलाफ पूर्व में बेतालघाट थाने में शिकायत की गई थी।
प्रमोद नैनवाल, पूर्व भाजपा नेता
मै तो महिला को सामने हाथ ही जोड़ता रहा। वीडियो
क्लीपिंग मे भी आप देख सकते है । मुझे इस मामले मे
राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
सचिन जलाल, प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई
एक दिन मैं दिव्य रावत जी के साथ आ रहा था तो मेरे साथ नैनवाल ने अभद्रता की थी। बाद में मुझ पर झूठा केस करा दिया।
राजेश मठपाल, व्यवस

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