ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने सातवें समन में बयान दर्ज कराने के लिए इस बार यह सुविधा दी है कि वे खुद समय, तिथि और जगह बताएं। ईडी के अधिकारी उनसे उनके बताए स्थान समय और तिथि को आकर पूछताछ करेंगे। ईडी ने हेमंत सोरेन को जारी नोटिस में यह भी लिखा है कि वे जान-बूझकर इस मामले की जांच से बच रहे हैं और ईडी की ओर से जारी किए गए समन की अवहेलना कर रहे हैं। अब ईडी ने सातवां समन जारी कर कहा कि अगर अब जान-बूझकर समन की अवहेलना की जाती है तो ईडी के पास इस संबंध में पीएमएलए एक्ट की धारा के तहत उचित कार्रवाई करने का अधिकार है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं अब क्या करेंगे सीएम सोरेन? ईडी के अनुसार सात दिनों के भीतर पूछताछ कर लेनी है। ईडी ने यह भी लिखा है कि एजेंसी का कोई भी समन दुर्भावनापूर्ण या राजनीति से प्रेरित नहीं है। ईडी ने हेमंत सोरेन को भेजे नोटिस में यह भी लिखा है कि बड़गाई अंचल के गिरफ्तार अंचल उपनिरीक्षक भानू प्रताप प्रसाद के घर से छापेमारी के दौरान ईडी को जमीन के कई अहम दस्तावेज मिले थे, जिसके बाद ईडी ने उक्त मामले में ईसीआईआर (आरएनजेडओ 25-23) दर्ज किया था जिसका अनुसंधान ईडी कर रहा है। इसी मामले में ईडी पूछताछ के लिए इससे पहले हेमंत सोरेन को छह समन जारी कर चुका है और यह उसका सातवां समन है। पूर्व में भेजे गए छह समन में प्रत्येक समन को सोरेन ने दुर्भावना से प्रेरित बताया था। सीएम ने ईडी पर केंद्र के इशारे पर काम करने व लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया था।

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