पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने है ,जैसे -जैसे आम चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है उतनी ही तेजी से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान के एक विशेष अदालत द्वारा दो मामलों में इमरान खान को सजा दी गई है। जिससे खान के चुनाव लड़ने के रास्ते बंद होते दिखाई दे रहे हैं।
पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने 14 साल की सजा सुनाई है। यह सजा इमरान खान और उनकी पत्नी को तोशखाना भ्र्ष्टाचार मामले में 31 जनवरी को सुनाई गई। इस वजह से आम चुनाव से खान के सत्ता में लौटने की कोशिश को एक और झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार इस्लामाबाद में भ्रष्टाचार विरोधी अदालत द्वारा जारी फैसले के तहत दंपति को अगले 10 वर्षों के लिए सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य ठहराया गया है। इसके अलावा इमरान खान पर 78 करोड़ 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
‘तोशखाना’ कैबिनेट डिवीजन के अंतर्गत एक विभाग है जो सभी सार्वजनिक अधिकारियों को मिले उपहारों और कीमती चीज़ों को रखता है। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए इमरान खान को विदेशो से जो उपहार मिले वह उन्होंने तोशाखाने में जमा नहीं करवाया न ही उन्होंने उसका मूल्य चुकाया। मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के तहत बनी गठबंधन सरकार ने साल 2022 में इमरान खान पर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया कि इमरान खान द्वारा तोशखाना को दिए गए उपहारों की किसी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है । इसी दौरान उनपर यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उपहारों की अवैध बिक्री की है ।

साल 2018 के दौरान इमरान खान ने अन्य देशों से प्राप्त उपहारों का खुल्लाशा करने के संबध में प्रतिरोध दिखाया। खान ने कहा इससे विदेशी संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है। सत्ता में रहते हुए इमरान खान ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चार उपहारों को बेचने की बात को स्वीकार किया था , साथ ही उन्होंने दावा किया था कि सरकार को कीमत का एक प्रतिशत भुगतान करके उपहारों को खरीदा है।पाकिस्तानी मीडिया अनुसार इमरान खान ने बुशरा बीबी के कहने पर तोशखाने से कई कीमती उपहार लिए थे। इन उपहारों में सऊदी प्रिंस की ओर से दी गई घड़ियां भी शामिल हैं।
साइफर मामले को लेकर भी हुई सजा
दावा किया जा रहा है कि इमरान खान को आम चुनाव से पहले एक के बाद एक सजा इसलिए भी सुनाई जा रही है क्योंकि खान का देश के सबसे शक्तिशली इंसान आर्मी चीफ मुनीर से विवाद गहरा गया है। तोशखाने मामले में सजा मिलने से एक दिन पहले 30 जनवरी को भी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरेशी को आधिकारिक रहस्यों का खुलासा करने के लिए 10 -10 साल की सजा मिली थी। इस मामले को साइफर मामले से जाना जाता है । दरअसल, साइफर का मतलब होता है सीक्रेट कीवर्ड में लिखा कोई संदेश। दो देशों के मध्य इस तरह के राजनयिक संचार होते रहते हैं, हालांकि इन्हें पूरी तरह से गुप्त और प्रतिबंधित रखा जाता है। यानी इसे लीक करना या फिर कॉपी करना पूरी तरह से गैरकानूनी होता है। लेकिन इमरान खान राजनयिक संचार की गोपनीयता को बरकरार नहीं रख सके। इसलिए इमरान खान को देश की गोपनीयता भंग करने का दोषी माना गया है। दरअसल, इमरान खान जनसभाओं में एक पर्ची दिखाकर ये बताते रहे कि अमेरिका में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद ने उन्हें सूचना दी है, भेजी गई सूचना इसी पर्ची में है, उन्होंने जनसभाओं में पर्ची लहराते हुए आरोप लगाया था कि उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची गई। ये साजिश उनके राजनीतिक विरोधियों और पाकिस्तान की सेना ने अमेरिका के साथ मिलकर रची है।
चुनाव नहीं लड़ पाएंगे इमरान
इमरान खान पाकिस्तान के लोकप्रिय नेता है। लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें लगातार दो मामलों में सजा मिलने के बाद उनके लिए चुनाव लड़ने का रास्ते बंद हो गए हैं। हालांकि इमरान खान के पास ऊपरी अदालत में इस फैसले को चुनौती देने रास्ता बचा है, लेकिन सेना के साथ चल रहे उनके खराब संबंधों को एक वजह माना जा सकता है कि ऊपरी अदालत में उन्हें राहत मिलना मुश्किल है। गौरतलब है कि आम चुनाव से पहले इमरान की पार्टी पीटीआई का चुनाव चिन्ह भी रद्द कर दिया गया। साल 2018 में इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे, फिर अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उन्हें सत्ता से हटा दिया गया था।
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