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आरबीआई का एक और बड़ा एक्शन; गोल्ड लोन पर लगाया बैन

भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने अभी हालही में पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ऊपर प्रतिबन्ध लगाए थे जिसके बाद पेटीएम जो एक नामी गिरामी फिनटेक क्षेत्र की कंपनी थी वह देखते ही देखते जमीन पर आ गिरी। मामला यहां तक आ पंहुचा की पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने इस्तीफ़ा दे दिया। इस बड़े कदम के बाद आरबीआई ने एक और फाइनैंस कंपनी पर प्रतिबन्ध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के बाद इस कंपनी के भी शेयर्स लगातार गिरने लगे हैं जिसको लेकर कहा जा रहा है कि ‘यह कंपनी भी कुछ दिनों की ही मेहमान है।’ यह कंपनी गोल्ड लोन देने वाली ऑफलाइन कंपनी है। आरबीआई के एक्शन के बाद यह कंपनी नए गोल्ड लोन जारी नहीं कर सकती है।
आरबीआई के निशाने पर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी आईआईएफएल (इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस लिमिटेड) आ गई है। इसपर कार्यवाही करते हुए आरबीआई ने इस कंपनी को किसी भी तरह का नया गोल्ड लोन जारी करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है और अगली गाइडलाइंस आने तक मौजूदा लोन्स को स्टे करने के लिए कहा गया है। आरबीआई ने कहा है कि ‘नए गोल्ड लोन के अलावा बाकी कारोबार को जारी रखा जा सकता है।’
क्यों की गई कार्यवाही
दरअसल, भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा इस कंपनी के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में कुछ सुपरवाइजरी दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। रिज़र्व बैंक ने यह कार्यवाही संविधान के एक्ट 1934 की धारा 45 एल (1)(बी) के तहत लिया गया है।
क्या है धारा 1934, 45 एल
इस धारा के तहत वित्तीय संस्थानों से जानकारी मांगने और निर्देश देने की भारतीय रिज़र्व बैंक को शक्ति दी गई है। यदि बैंक अपने लाभ के लिए देश की ऋण प्रणाली को विनियमित करने में सक्षम होने के उद्देश्य से संतुष्ट है तो ऐसा करना आवश्यक है। बैंक आम तौर पर वित्तीय संस्थानों या विशेष रूप से वित्तीय संस्थानों के किसी समूह या वित्तीय संस्थान को बैंक के द्वारा दिए गए अंतराल पर बैंक को सौंपना होता है यदि कोई संस्था या बैंक ऐसा नहीं करता है तो बैंक उस पर रोक लगा सकता है।
कहा पाई गई गड़बड़ी
आरबीआई के मुताबिक, 31 मार्च, 2023 तक आईआईएफएल की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में कंपनी का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में आईआईएफएल फाइनेंस के लोन टू वैल्यू रेश्यो में काफी गड़बड़ियां पाई गई हैं। जिसके चलते केंद्रीय बैंक ने कहा कि रेगुलेटरी उल्लंघन होने के अलावा, ये गतिविधियां ग्राहकों के हितों को भी प्रभावित कर रही हैं। इन प्रतिबंधों के लगाने पर रिज़र्व बैंक ने कहा है कि बैंक जैसे ही इन गड़बड़ियों को ठीक करलेगा इसपर लगे प्रतिबंधों पर विचार किया जायेगा। सभी डिटेल्स सही होने पर इन प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है। 

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