लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद चर्चा थी कि भाजपा बड़े स्तर पर बदलाव कर सकती है। अब पार्टी ने बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की जगह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। बीजेपी के इस कदम को राज्य के एक बड़े वोट बैंक को साट्टाने की कोशिश के लिहाज से देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि चुनाव से पहले यह बड़ा फेरबदल है। राज्य में पिछड़ा वर्ग सबसे अट्टिाक है, ऐसे में यह फैसला एक्स फैक्टर हो सकता है। दिलीप जायसवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने से किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल और सहरसा में बीजेपी को मजबूती मिलेगी। हालांकि जब सम्राट चौधरी को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया गया था तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि सम्राट चौधरी की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष चुना जा सकता है। दिलीप जायसवाल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। कुछ दिन पहले ही दिलीप ने पार्टी आलाकमान से मुलाकात की थी तभी से इस बात की संभावना थी कि उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दिलीप को पार्टी की जिम्मेदारी देने के बाद भाजपा ने अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। बिहार के जातिगत आंकड़ों की बात करें तो सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग है।

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