उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन और योगी सरकार के मध्य तालमेल बैठ नहीं पा रहा है। संगठन के वरिष्ठ नेताओं को योगी से शिकायत है कि वो नौकरशाहों के भरोसे सरकार चलाते हैं और संगठन के पदाधिकारियों और चुने गए जनप्रतिनिधियों की एक नहीं सुनते। पहले ऐसे आरोप बंद कमरों में भाजपाई लगाया करते थे, अब लेकिन खुलकर बयानबाजी होने लगी है। उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने तो गत् दिनों वरिष्ठ मंत्री नंद गोपाल नंदी पर खुला हमला ही बोल दिया। उन्होंने नंदी पर आपराधिक पृष्ठभूमि के अफसरों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाने का आरोप लगा लखनऊ के सत्ता गलियारों में सनसनी फैलाने का काम कर डाला। अभी इस विवाद का पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल, जो स्वयं योगी सरकार में मंत्री हैं, ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर डाली जिसमें उन्होंने सीधे सीएम योगी की सत्ता को चुनौती देते हुए कई गम्भीर आरोप योगी के दो विश्वस्त अफसरों पर लगा डाले। बकौल पटेल योगी के करीबी अफसर और राज्य के सूचना निदेशक शिशिर शेखर और राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स के मुखिया अमिताभ यश उनकी छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। गौरतलब है कि ये दोनांे ही अधिकारी योगी के अति विश्वस्त माने जाते हैं। लखनऊ के सत्ता गलियारों में पटेल के इन आरोपों को योगी और शाह के मध्य वर्चस्व की जंग बतौर देखा-समझा जा रहा है। खबर यह भी जोरों पर है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश भाजपा से विद्रोह की कई आवाजें उठने वाली हैं जिनका उद्देश्य मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के बढ़ते कद को छोटा करने का होगा।

You may also like