भारतीय व्यापार जगत पिछले पांच बरसों के दौरान पूरी तरह भाजपामय हो चुका है। देश के सभी शीर्ष कॉरपोरेट घराने मोदी-मोदी का जाप जपते इस दौर में देखे गए। ऐसे में प्रधानमंत्री के खास माने जाने वाले मुकेश अंबानी ने प्रतिष्ठत दक्षिण मुंबई सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा को समर्थन देने का ऐलान कर भाजपा नेतृत्व को हैरत में डाल दिया है। खबर गर्म है कि अंबानी समूह के मुखिया का बयान मात्र इसलिए नहीं आया कि उनके मिलिंद देवड़ा के पिता संग निजी संबंध रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि अंबानी और कोटक बैंक के मालिक उदय कोटक समेत कई जाने-माने उद्योगपतियों ने यदि वीडियो मैसेज के जरिए अपनी राय रखने का फैसला लिया है तो इसके पीछे कहीं न कहीं मोदी के दोबारा सत्ता में न आने की संभावना का प्रबल होना है। खबर यह भी है कि पिछले एक दशक से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाल दिए गए अंबानी अब बजरिए अहमद पटेल और भूपिंदर सिंह हुड्डा, राहुल गांधी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं। निश्चित ही देश के धन कुबेर का यह बयान भाजपा नेतृत्व के लिए खासी परेशानी का सबब बन चुका है।
कॉरपोरेट का झटका

