उत्तराखंड में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की सरकार की मंशा को लेकर क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के बैनर तले विरोध जताया जा रहा है, लोगो ने विरोध जताते हुए कहा की देश भर में नागरिकों को अधिकार विहीनता की स्थिति में धकेल दिया गया है। नागरिकों के पास रोजी रोजगार की समस्याओं के साथ ही भारी असमानता एवं दमनकारी स्थितियां बनी हुई है। उनके मुताबिक सरकारे विदेशी पूंजीपतियों, शोषकों, लुटेरों को आमंत्रित कर रही है, विडंबना है कि एनआरसी राजनैतिक दलों के हाथ में जनता को भयाक्रांत करने का औजार बना दिया गया है।उन्होंने कहा कि असम में 19 लाख लोगों को एनआरसी से बाहर रखकर अमानवीय स्थितियां पैदा की गई है। लोग आत्मघाती कदमों को उठाने की स्थिति तक पहुंच गये है। जबकि उनकी कमी मात्र इतनी है कि वह नागरिकता का प्रमाण नहीं दे सकते, बस विरोध इस बात का है की एनआरसी के जरिये लोगों को डराने का मुद्दा खत्म होना चाहिए। एनआरसी के मुद्दे पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवम नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने भी साफ़ कर दिया की जो हिंदत्व औऱ भारत के संविधान में अपनी आस्था रखते हैं उन्हें कहीं भी जाने की जरूरत नही है, केवल जो घुसपैठिए है उन्हें छोड़कर भारत के प्रति आस्थावान व्यक्ति यही रहेगा औऱ यही बात शरणार्थी को बोल भी दी गयी है।
एनआरसी को लेकर देवभूमि में विरोध प्रदर्शन…

