अभी 5 दिन पहले की बात है जब कांग्रेस की उत्तर प्रदेश महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में पहुंची थी । तब प्रियंका गांधी वहां 26 जनवरी के दिन दिल्ली में मौत की आगोश में समाए किसान नवदीप सिंह की पैरवी पर पहुंची थी ।जहां उन्होंने परिवार को सांत्वना देने के साथ ही एक पंचायत को भी संबोधित किया था । जिसमें लोगों का भारी हुजूम पहुंचा था ।
इसको लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चिंतित हो गई थी । तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान राजनीति में आस नजर आई । जिसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश की प्रदेश महासचिव प्रियंका गांधी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 किसान रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई। इन किसान रैलियों के जरिए प्रियंका गांधी योगी सरकार की घेराबंदी करने का प्लान कर रही थी । लेकिन योगी सरकार ने प्रियंका गांधी के इस प्लान को नाकाम कर दिया ।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका गांधी की पश्चिम उत्तर प्रदेश में होने वाली तीन किसान पंचायतों को परमिशन नहीं दी ।यह किसान पंचायतें 8 फरवरी यानी आज के दिन सहारनपुर 9 फरवरी को शामली तथा 10 फरवरी को मुजफ्फरनगर में होनी थी । तीनों जगह 2 – 2 पंचायतें प्रस्तावित थी।
लेकिन ऐन वक्त पर प्रदेश सरकार ने उनको परमिशन ना देकर कॉन्ग्रेस के अरमानों पर पानी फेर दिया। याद रहे की 2019 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के तीन बड़े कार्यक्रमों पर यूपी सरकार रोक लगा चुकी है । प्रियंकाा गांधी कोरोना काल में मजदूरों को लेकर यूपी की योगी सरकार पर सबसे ज्यादा हमलावर रही थी । हालांकि प्रियंका गांधी प्रदेश में किसी भी मुद्दे को नहीं छोड़ते हैं। 2 महीने पूर्व हाथरस कांड पर भी वह राहुल गांधी के साथ मृतका के घर पहुंचे थे।

