भारत आज भी अंडर-19 क्रिकेट में सबसे बड़ा नाम है। मजबूत सिस्टम, प्रतिभाशाली खिलाड़ी, अनुभवी सपोर्ट स्टाफ और जीत की संस्कृति ये सभी भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बनाते हैं। इस प्रतियोगिता में अभी तक भारत ने पांच तो ऑस्ट्रेलिया ने चार बार खिताब अपने नाम किया है यानी इन दोनों का एक तरह से दबदबा रहा है। हालांकि चुनौतियां कम नहीं हैं लेकिन अगर टीम अपनी क्षमता के अनुसार खेलती है तो छठी ट्रॉफी भारत के हाथों में आना कोई आश्चर्य नहीं होगा। खेल समीक्षक कहते हैं कि यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि भविष्य के सितारों की प्रयोगशाला है और भारत इस प्रयोगशाला का सबसे सफल देश है
आईसीसी अंडर-19 वनडे विश्व कप 2026 का 16वां संस्करण इस बार जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित हो रहा है जिसकी शुरुआत 15 जनवरी से हो गई है। खिताबी मुकाबला 6 फरवरी को खेला जाएगा। यह मंच दुनिया को ऐसे कई खिलाड़ी देता रहा है जो बाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनते हैं। पिछले संस्करण 2024 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था। ऑस्ट्रेलिया चार बार चैम्पियन रह चुका है, वहीं भारत सबसे ज्यादा बार पांच यह खिताब अपने नाम करने के साथ चार बार उपविजेता भी रह चुका है। पाकिस्तान दो, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और इंग्लैंड ने एक-एक बार यह खिताब जीता है। इस बार 16 टीमें खिताब की लड़ाई में होंगी और युवा खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। ऐसे में मीडिया और सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारतीय क्रिकेट टीम अपनी बादशाहत कायम रख पाएगी? इस टूर्नामेंट में भारत बनाम पाकिस्तान के बीच मुकाबला सम्भव है? क्या भारत खिताब जीत का सिक्सर लगा पाएगा?
खेल समीक्षकों और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का कहना है कि भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत बेंच स्ट्रेंथ मानी जाती है। सीनियर टीम में बदलाव होते रहते हैं लेकिन जीत की भूख और प्रतिस्पर्धा का स्तर कभी कम नहीं होता। इसकी सबसे बड़ी वजह है अंडर-19 स्तर पर तैयार होने वाली प्रतिभाएं। इस टूर्नामेंट में भारत बनाम पाकिस्तान के बीच मुकाबला सम्भव है लेकिन इसके लिए दोनों टीमों का सेमीफाइनल तक पहुंचना जरूरी होगा। हाल ही में दोनों टीमों की टक्कर अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में हुई थी, जहां पाकिस्तान ने बाजी मारी थी। ऐसे में ये सभी सवाल उठने स्वाभाविक हैं। मगर अंडर-19 वनडे विश्वकप के इतिहास को देखें तो भारतीय टीम सबसे सफल रही है। अब तक भारत 5 बार चैम्पियन और चार बार रनरअप रह चुका है। इसके अलावा कई बार भारत फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचा है। यह रिकाॅर्ड बताता है कि भारत न केवल प्रतिभा पैदा करता है बल्कि दबाव में प्रदर्शन करना भी जानता है। 2024 विश्वकप में भारत उपविजेता रहा और इस लिहाज से खिताब जीत का प्रथम दावेदार भारत को माना जा सकता है।
भारत की सफलता केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक मजबूत क्रिकेट सिस्टम है। बीसीसीआई का मजबूत ढांचा अंडर-16, अंडर-19 और इंडिया-ए जैसी सीढ़ियां हैं। आईपीएल का प्रभाव है जहां युवा खिलाड़ी कम उम्र में ही बड़े मंच पर खेलते हैं। इन सभी ने मिलकर भारत को अंडर-19 क्रिकेट में एक पावर हाउस बना दिया है। मौजूदा टीम की ताकत की बात करें तो हर अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जाता है। इसकी वजह है संतुलित टीम संयोजन, तकनीकी रूप से सशक्त गेंदबाज और ऑलराउंडर जो मैच का रुख पलट सकते हैं। भारतीय युवा बल्लेबाजों में धैर्य के साथ-साथ आक्रामकता भी दिखती है जबकि गेंदबाज नई गेंद और डेथ ओवरों में असरदार साबित होते हैं। यही नहीं अंडर-19 स्तर पर कप्तानी बेहद अहम होती है।
भारतीय टीम अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को कप्तान बनाती है जो मैदान पर शांत रहते हैं, रणनीति को अच्छी तरह लागू करते हैं और टीम को दबाव से बाहर निकाल सकते हैं। इन खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती भी एक बड़ा फैक्टर है। वे बड़े मैचों में घबराने के बजाय जिम्मेदारी लेना पसंद करते हैं। आज का अंडर-19 खिलाड़ी पहले से कहीं ज्यादा मैच्योर है।
कई खिलाड़ी रणजी ट्राॅफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्राॅफी खेल चुके होते हैं। आईपीएल में सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अनुभव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। यही वजह है कि भारतीय युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर जल्दी ढल जाते हैं। भारत की पिछली अंडर-19 जीतों पर नजर डालें तो एक बात साफ दिखती है कि फाइनल जैसे मुकाबलों में टीम ने संयम नहीं खोया। मुश्किल परिस्थितियों में किसी न किसी खिलाड़ी ने जिम्मेदारी उठाई है। यह टीम संस्कृति भारत को बाकी देशों से अलग बनाती है। हालांकि कुछ चुनौतियां भी हैं। भारत की दावेदारी मजबूत है लेकिन राह आसान नहीं है। आॅस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें हमेशा कड़ी टक्कर देती हैं तो पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाजी युवा बल्लेबाजों की परीक्षा लेती हैं। नाॅकआउट मुकाबलों का दबाव, जहां एक खराब दिन पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है। इसके अलावा विदेशी परिस्थितियों में खेलना भी कई बार चुनौतीपूर्ण साबित होता है।
कुल मिलाकर क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। कागज पर मजबूत टीम होना जीत की गारंटी नहीं देता। लेकिन अगर खिलाड़ी फिट रहते हैं, टीम संयोजन सही रहता है, दबाव में निर्णय सही लिए जाएं तो भारत का छठी बार अंडर-19 वनडे वल्र्ड कप जीतना पूरी तरह सम्भव है।
गौरतलब है कि इस महा इवेंट में 15 सदस्यीय भारतीय अंडर-19 टीम की कमान आयुष म्हात्रे के हाथों में है जबकि विहान मल्होत्रा उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी भी इस टीम का हिस्सा हैं और उनसे काफी उम्मीदें होंगी। टूर्नामेंट के फाॅर्मेट के मुताबिक 16 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप स्टेज में हर टीम राउंड-राॅबिन आधार पर मुकाबले खेलेगी। इसके बाद हर ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें सुपर सिक्स स्टेज में प्रवेश करेंगी। सुपर सिक्स में पहुंचने वाली 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा और यहां से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को हरारे में खेला जाएगा। भारतीय टीम को ग्रुप ए में रखा गया है जहां उसका सामना न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और अमेरिका से होगा। भारत अपने सभी ग्रुप मुकाबले बुलावायो में खेलेगा। टीम इंडिया ने अपने अभियान की शुरुआत टूर्नामेंट के पहले दिन क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में अमेरिका के खिलाफ रिकाॅर्ड जीत से की है। भारतीय टीम अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है। उसने पांच बार खिताब जीता है तो चार बार उपविजेता रही है। ऐसे में उसे इस बार भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
चारों ग्रुपों की टीमें
ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, जापान और श्रीलंका
ग्रुप-बी में भारत, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और यूएसए
ग्रुप-सी में इंग्लैंड, पाकिस्तान, स्काॅटलैंड और जिम्बाब्वे
ग्रुप-डी में दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान, तंजानिया और वेस्टइंडीज
अंडर-19 वनडे विश्व कप में भारत का शेड्यूल
दिनांक देश
15 जनवरी भारत बनाम अमेरिका
17 जनवरी भारत बनाम बांग्लादेश
24 जनवरी भारत बनाम न्यूजीलैंड
25 जनवरी से 1 फरवरी तक सुपर सिक्स मैच
3 फरवरी सेमीफाइनल 1
4 फरवरी सेमीफाइनल 2
6 फरवरी फाइनल
अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम
आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, आरोन जाॅर्ज, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर) हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आर.एस. अम्बरीश, कनिष्क चौहान, खिलान ए. पटेल, मोहम्मद एनान, हेनिल पटेल, डी. दीपेश, उधव मोहन, किशन कुमार सिंह।
अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप खिताब विजेता टीमें
वर्ष मेजबान विजेता उपविजेता
1988 ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान
199 दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड
2000 श्रीलंका भारत श्रीलंका
2002 न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका
2004 बांग्लादेश पाकिस्तान वेस्टइंडीज
2006 श्रीलंका पाकिस्तान भारत
2008 मलेशिया भारत दक्षिण अफ्रीका
2010 न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान
2012 ऑस्ट्रेलिया भारत ऑस्ट्रेलिया
2014 यूएई दक्षिण अफ्रीका पाकिस्तान
2016 बांग्लादेश वेस्टइंडीज भारत
2018 न्यूजीलैंड भारत ऑस्ट्रेलिया
2020 दक्षिण अफ्रीका बांग्लादेश भारत
2022 वेस्टइंडीज भारत इंग्लैंड
2024 दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया भारत
2026 जिम्बाब्वे-नामीबिया ……….. ………..

