अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि कमजोर और असंतुलित वृद्धि के चलते पाकिस्तान ‘कड़ी आर्थिक चुनौतियों’ का सामना कर रहा है. उसकी अर्थव्यवस्था ऐसे अहम मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है, जहां उसे महत्वाकांक्षी और मजबूत सुधारों की जरूरत है. नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने राहत पैकेज देने के लिए अगस्त, 2018 में IMF से संपर्क किया था.