नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा कि गुजरात को ‘खुले में शौच मुक्त’ घोषित करने का सरकार का दावा गलत प्रतीत होता है क्योंकि कई ग्रामीणों के घरों में अब भी शौचालय नहीं बने हैं. राज्य विधानसभा में बुधवार को पेश की गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि आठ जिलों में किए गए सर्वेक्षण में करीब 30 फीसदी घरों में शौचालय नहीं पाए गए. बता दें कि केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में लोकसभा को सूचित किया था कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गुजरात समेत 11 राज्यों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है.
You may also like
Latest news
Author दि संडे पोस्ट डेस्क
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के शहर गोमा में शनिवार को एक विमान उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में मरने वालों की...
Read More
Latest news
विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ सदन में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार रात 11. 10 pm मतदान का नतीजा आ गया है्। नतीजा विपक्ष के...
Read More
Latest news
इटावा : दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर बलराई स्टेशन पर कानपुर-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से टकराने की वजह से चार लोगों की मौत हो गई, और...
Read More
Latest news
नई दिल्ली। भाजपा विरोधी महागठबंधन से बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के चुनाव लड़ने की...
Read More