डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद को 2018 का शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया। उन्हें यौन हिंसा के खत्म करने के लिए ये पुरस्कार सम्मानित किया गया है। ओस्लो में घोषित किए जाने वाले शांति पुरस्कार के लिए कुल 331 लोगों और संगठनों का नाम मुकाबले में थे। बता दें कि नोबेल समिति उम्मीदवारों की लिस्ट गुप्त रखती है, केवल विजेताओं के नाम की ही घोषणा की जाती है।नॉर्वे की नोबेल समिति ने कहा कि युद्ध और सशस्त्र संकट के दौरान यौन हिंसा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने से रोकने के लिए इन दोनों ने जो प्रयास किए हैं, उनके लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा रहा है। डेनिस मुकवेगे ने अपना पूरा जीवन यौन हिंसा की शिकार हुई पीड़ित महिलाओं के इलाज में लगा दिया।
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