हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
मां गंगा के प्रवास स्थल में मां के पूजन व आरती के बाद वहां के पुरोहित समाज द्वारा हमें भोजन प्रसाद ग्रहण करवाया गया। एक अत्यधिक सौहार्दपूर्ण वातावरण में कुछ बातें व उद्बोधन हुए। मुखवा वही स्थान है जहां देश के प्रधानमंत्री जी ने कुछ दिन पहले प्रवास दिया था व ध्यान लगाया। यहीं से माननीय प्रधानमंत्री जी ने गंगा जी के महात्म्य को लेकर भाषण दिया था। यात्रा के इस भाग को ‘गंगा सम्मान यात्रा’ का सम्बोधन दिए जाने के लिए माननीय पुरोहित गणों ने हमें धन्यवाद दिया। स्थानीय लोगों की मांगों के प्रति माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिखाई गई उपेक्षा से लोग बहुत आहत थे। हमारी न्याय यात्रा ने उन्हें अपनी नाराजगी दिखाने का अवसर दिया। जिसका उन्होंने श्री घनानंद नौटियाल जी के सानिध्य में भरपूर उपयोग किया। मुझे आश्चर्य हुआ जब लोगों ने बताया कि वहां के लोगों की मांग मुखवा-जागड़ मोटर मार्ग की भी अनदेखी की गई। सभा में श्री नौटियाल के अलावा टिहरी के विधायक श्री विक्रम सिंह नेगी व आनंद रावत ने भी सम्बोधित किया। गंगा पुरोहित श्री सुधांशु सेमवाल, ज्योति शरण सेमवाल, श्री प्रकाश चंद्र सेमवाल, श्री दुर्गा प्रसाद जी का आशीर्वाद हम सभी यात्री गणों को प्राप्त हुआ। हमने भाजपा द्वारा वर्ष 2017 को 2022 के चुनाव में बोले गए दोनों ऐतिहासिक झूठों का पर्दाफास करने की शक्ति प्रदान करने के लिए मां गंगा से आशीर्वाद मांगा


हमारे कार्यक्रम के इस भाग का संयोजन का दायित्व हमने जिला कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष श्री दिनेश चैहान को सौंपा था। श्री दिनेश चैहान एक अत्यधिक सक्रिय व सूझ-बूझ के धनी जिला अध्यक्ष हैं। श्री दिनेश ने नैनबाग से ही यात्रा को आगे बढ़ाने का दायित्व अपने ऊपर ले लिया और हम समय पर कफनौल पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मार्ग में स्वागत कार्यक्रम को चलते-चलते सम्पन्न कर हमारे कांरवे को आगे बढ़ाया। हम एक घंटा विलम्ब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम स्थल थोड़ी ऊंचाई पर था। गाजे-बाजे के साथ गांव की चढ़ाई चढ़ना बड़ा सुखद अनुभव था। दूर-दूर के गांव से आए हुए भाई-बहन व सामाजिक, राजनीतिक लगभग हजार से अधिक लोग वहां उपस्थित थे। अत्यधिक उत्साहवर्धक व गरिमा पूर्ण वातावरण में बाबा साहब की भव्य आदमकद मूर्ति का अनावरण हुआ। सामाजिक न्याय व बहुलवादिता की उनकी सोच ने उन्हें अमर कर दिया। गांधी, नेहरू, अम्बेडकर अपनी सोच और विचार शीलता के लिए युगों-युगों तक अमर रहेंगे। बाबा साहब के व्यक्तित्व, कृतित्व की खुशबू इतनी दूर कफनौल तक पहुंची। यह कोई आश्चर्य का विषय नहीं है। मैंने कुछ बातें अम्बेडकर साहब और आज के चुनौती पूर्ण माहौल के संदर्भ में कही। ढेर सारी बातें मैंने अपने सामाजिक ताने-बाने, गांव घर की आर्थिकी, खेती-बाड़ी, पशुपालन, खान-पान, व्यंजनों के सम्बंध में भी की। बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी चर्चा हुई। लोगों ने बड़ी गौर के साथ मुझे सुना। मैंने जब उनके, अपने व्यंजनों की चर्चा की तो लोग खुलकर मुझसे चर्चा करने लगे। कई लोगों के संक्षिप्त भाषण व आनंद रावत के जोश भरे उद्बोधन के बाद मेरे साथ लोगों का यह संवाद करीब एक घंटा चला। पुरोला को लेकर देहरादून में बहुधा चर्चा होती है कि वहां कांग्रेस का उम्मीदवार कौन है? देहरादून में यह बड़ा प्रश्न वाचक है? परंतु यहां आते ही मुझे दो-तीन सक्षम नौजवान उभरते दिखाई दिए। पुरोला नगर पंचायत के अध्यक्ष की बातों ने भी बड़ी तालियां बटोरी। दो और नौजवानों की बातों व उनके व्यवहार ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैंने मन ही मन सोचा कि जब हम निकल पड़ते हैं और लोगों के मध्य जाते हैं, हमारी बहुत सारी परेशानियों का समाधान निकल आता है। कफनौल में दर्शन भाई अर्थात दर्शन लाल जी मुझसे पहले ही पहुंचे थे। कभी जब वह चुनाव लड़े थे, उनको इस गांव से बहुत समर्थन मिला था। श्री दिनेश चैहान व दर्शन लाल जी के साथ कफनौल में श्री बिहारी लाल शाह अध्यक्ष नगर पालिका पुरोला, श्री धीरेंद्र सिंह नेगी व अनिल रागड़ ब्लाॅक अध्यक्ष पुरोला व मोरी भी उपस्थित थे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पारस्पारिक सहयोग से मूर्ति की स्थापना की है। ऐसे उत्साही व प्रेरक लोगों में श्री चंद्रशेखर पवार, मोहन लाल शाह, श्री चंद्र शेखर पवार, श्री सोवेन्द्र लाल, श्री सूर्या लाल आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। श्री विपिन कुमार, भगत लाल जी, मोहन मुरारी जी, पप्पू लाल जी, हरि सिंह इंद्रावाण जी, रमेश कुमार, राजेश बहुगुणा, लोकेंद्र रावत, कुशल रावत, घनश्याम चैहान सहित हमारे कई उत्साही साथियों ने कार्यक्रम की सफलता में बहुमूल्य योगदान दिया। कफनौल में अल्पाहार के बाद हमारा जत्था उत्तरकाशी को रवाना हुआ। मार्ग में दो स्थानों पर रूके। रास्तों में बुरांश के खिले हुए फूलों से लकदक जंगल के मध्य से गुजरना बहुत ही आनंददायक अनुभूति रही। मार्ग में बहुत चर्चित सिलक्यारा भी आया। ब्रह्माखाल में लोग मेरा इंतजार कर रहे थे। हमने यहां महाविद्यालय सहित कई विकास कार्य करवाए हैं। देर रात लोगों का बाजार में रुकना इस तथ्य का संदेश है कि यदि आप सेवा करेंगे तो लोग उसे याद रखते हैं। धरांसू मैं तो लोग उत्तरकाशी जाते वक्त भी मिले व टिहरी जाने के रास्ते में भी मिले। मार्ग में काफी देर होने के कारण उत्तरकाशी लगभग रात 10ः30 बजे पहुंचे। मन में बड़ा संकोच हो रहा था। हमारे युवा नेता मनीष राणा हमारे उत्तरकाशी के जिला अध्यक्ष हैं उनके साथ पूर्व दर्जाधारी श्री घनानंद नौटियाल, श्री आनंद सिंह एडवोकेट शहर अध्यक्ष, श्री कमल सिंह रावत, वरिष्ठ नेता श्री शीशपाल पोखरियाल, विजय सेमवाल, युवा नेता श्री प्रदीप रावत, श्री दर्शन लाल, ब्लाॅक अध्यक्ष मनोज पवार, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख कनकपाल परमार, विजेंद्र नौटियाल, श्री भगत सिंह रावत, श्रीमती मधु जी, एकादशी जी, राखी राणा जी, बीना शाह जी, कल्पना ठाकुर जी, पवित्रा राणा, सूरज रावत, भूपेंद्र नेगी, सुरेंद्र पाल भाई, दीपक रावत, विष्णु पाल रमोला, सुधीश पवार, संतोष भंडारी सहित बड़ी संख्या में हमारे नेतागण व कार्यकर्ता साथी न्याय यात्रा के समानार्थ मौजूद थे। श्रीमती शांति ठाकुर उत्तरकाशी में हमारी बड़ी क्रांतिकारी नेता हैं। कल्पना ठाकुर उनकी बेटी हैं, वह दूसरे दिन प्रातः नाश्ते में क्या लोगे शांति बहन के इस संदेश के साथ कल्पना वहां आई थी। भगत सिंह भाई व प्रदीप रावत ने अपने-अपने तरीके से लोगों के भोजन की व्यवस्था की थी। पहले ही बहुत देर हो गई थी। परंतु उत्तरकाशी के हमारे सहयोगियों के उत्साहपूर्ण स्वागत व व्यवहार से मुझे बहुत ऊर्जा मिली। राज्य कांग्रेस के होनहार नेता, विधायक श्री विक्रम सिंह नेगी भी यहां यात्रा में सम्मिलित होने पधारे। लम्बी यात्रा के बाद देर रात कांग्रेस जनों के उत्साहपूर्ण चेहरे मुझे यह संदेश दे रहे थे कि चिंता न करो हम हैं। 2022 में इस जनपद की तीनों सीटों पर कांग्रेस चुनाव में पराजित हुई। इस पराजय के बाद कांग्रेस के कुछ महत्वपूर्ण लोग भी पार्टी छोड़कर भाजपाई हो गए थे। कांग्रेस के पुराने व नए नेताओं के चेहरे पर मेरे आगमन पर छलकता उत्साह किसी भी नेता की थकान मिटाने के लिए काफी था। मैंने व श्री विक्रम सिंह नेगी ने चाय पीते-पीते उनसे ढेर सारी बातें की। लोगों के विषय में जानकारियां ली। दूसरे दिन मुखबा तक यात्रा की तैयारी पर भी बातचीत हुई। रात संतोष भरी नींद के बाद सुबह जल्दी तैयार हुआ। मुखवा जाना व आना था। शांति बहन सहित सुबह कई बहनें व स्थानीय लोग भी मिलने आए। लिंगुड़े व भिंडी, पालक की सब्जी व शांति बहन की बनाई चटनी के साथ हमारे साथियों ने खूब जायका लेकर नाश्ता किया। मुखवा के रास्ते में गंगोरी, मनेरी, लारा, भटवाड़ी व झाला में स्थानीय लोगों व कांग्रेसजनों ने श्री विक्रम सिंह नेगी, श्री आनंद रावत, दर्शन लाल व मनीष राणा सहित न्याय यात्रियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। भटवाड़ी में तो हम सारे बाजार में घूमे व कुछ लोगों का सम्मान भी किया। हरसिल के रास्ते में कुछ स्थानों में पिछले वर्ष यात्रा में गाड़ियों का जाम लगा था। इस वर्ष भी वहां सड़क सुधार नहीं हुआ है। यात्रा मार्ग में कोई विशेष काम होता जैसी पार्किंग सुविधा आदि विकसित हुई नहीं देखी। हरसिल में लोग मिले। हमारे कार्यकाल में बनाए गए कोल्ड स्टोर की लोगों ने बड़ी सराहना की और बताया कि हरसिल का सेब इस वर्ष दो गुने दाम में बिका है। मुझे यह सुनकर बहुत अच्छा लगा। हम शीघ्रता से मुखवा पहुंचे। मुखवा में स्थानीय लोगों व हमारे कार्यकर्ताओं ने ढोल-दमाऊ के साथ यात्रा का स्वागत किया। मां गंगा के प्रवास स्थल में मां के पूजन व आरती के बाद वहां के पुरोहित समाज द्वारा हमें भोजन प्रसाद ग्रहण करवाया गया। एक अत्यधिक सौहार्दपूर्ण वातावरण में कुछ बातें व उद्बोधन हुए। मुखवा वही स्थान है जहां देश के प्रधानमंत्री जी ने कुछ दिन पहले प्रवास किया था व ध्यान लगाया। यहीं से माननीय प्रधानमंत्री जी ने गंगा जी के महात्म्य को लेकर भाषण दिया था। यात्रा के इस भाग को ‘गंगा सम्मान यात्रा’ का सम्बोधन दिए जाने के लिए माननीय पुरोहित गणों ने हमें धन्यवाद दिया। स्थानीय लोगों की मांगों के प्रति माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिखाई गई उपेक्षा से लोग बहुत आहत थे। हमारी न्याय यात्रा ने उन्हें अपनी नाराजगी दिखाने का अवसर दिया। जिसका उन्होंने श्री घनानंद नौटियाल जी के सानिध्य में भरपूर उपयोग किया। मुझे आश्चर्य हुआ जब लोगों ने बताया कि वहां के लोगों की मांग मुखवा-जागड़ मोटर मार्ग की भी अनदेखी की गई। सभा में श्री नौटियाल के अलावा टिहरी के विधायक श्री विक्रम सिंह नेगी व आनंद रावत ने भी सम्बोधित किया। गंगा पुरोहित श्री सुधांशु सेमवाल, ज्योति शरण सेमवाल, श्री प्रकाश चंद्र सेमवाल, श्री दुर्गा प्रसाद जी का आशीर्वाद हम सभी यात्री गणों को प्राप्त हुआ। हमने भाजपा द्वारा वर्ष 2017 को 2022 के चुनाव में बोले गए दोनों ऐतिहासिक झूठों का पर्दाफास करने की शक्ति प्रदान करने के लिए मां गंगा से आशीर्वाद मांगा। न्याय मांगने वालों में श्री विक्रम सिंह नेगी, श्री घनानंद नौटियाल, आनंद रावत, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मनीष राणा, दर्शन लाल, श्री विजेंद्र नौटियाल, श्री प्रदीप रावत, श्री कनकपाल परमार, पूर्व प्रमुख विक्रम सिंह रावत, ब्लाॅक व शहर अध्यक्ष श्री मनोज पवार व कमल सिंह, श्री शीशपाल पोखरियाल, भगत सिंह रावत, पूर्व कमल सिंह रावत, महेशानंद लोकमणी रतूड़ी जी, संजीव नौटियाल, अजय पाल नेगी, बीना शाह जी, राखी राणा जी, मधु रावत जी, एकादशी भारती जी, विपिन रावत, पवन रतूड़ी सहित बहुत सारे भाई-बहन सम्मिलित थे। मेरे लिए ही नहीं, बल्कि श्री विक्रम सिंह नेगी, आनंद व दर्शन भाई आदि सबके लिए यात्रा के आज के हिस्से का अनुभव बहुत अच्छा व उत्साह वर्धक रहा। हम लोग उत्तरकाशी को लेकर बहुत आशावान नहीं थे। मेरे विशेष अनुरोध पर श्री विक्रम सिंह नेगी, एक दिन पूर्व ही उत्तरकाशी पहुंच गए थे। उत्तरकाशी में कांग्रेस को कुछ और ध्यान लगाने व एक-दो वरिष्ठ लोगों को वहां प्रति माह भेजकर स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं में समन्वय बनाकर गहराई से काम करने की आवश्यकता है। श्री नेगी एक ऐसे व्यक्ति हो सकते हैं। मैंने आनंद से भी इस संदर्भ में बात की थी, उनकी सेवाएं भी ली जा सकती हैं। मां गंगा को प्रणाम कर न्याय याचना के बाद हम प्राचीन मंदिर कल्पेश्वर महादेव पहुंचे। थराली के सौंदर्यमय गांव का यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए चर्चित है। थराली हमारे युवा नेता प्रदीप रावत का ससुराल भी है। प्रदीप यहां बेमौसमी कद्दू, मूली आदि की पैदावार कर कुछ प्रयोग कर रहा है। कल्पेश्वर महादेव जी के दर्शन के बाद हम सीधे उत्तरकाशी लौट आए व पत्रकार बंधुओं के साथ चाय पर बातचीत की। पत्रकार भाइयों से कई उपयोगी व उत्साहपूर्वक जानकारियां मिली। हमारी वापसी का इंतजार कर रहे कांग्रेसजनों व पत्रकार भाइयों को हमने मुखवा की उत्साह पूर्ण यात्रा का वृत्तांत बताया।

क्रमशः (यह लेखक के अपने विचार हैं।)

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