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फ्रेंचआईजी क्रिकेट से तय होगी टीम इंडिया?

आईपीएल खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच देता है और चयनकर्ताओं को सही विकल्प चुनने में मदद करता है लेकिन यह भी सच है कि सिर्फ आईपीएल के आधार पर टीम नहीं चुनी जा सकती। अनुभव, तकनीक, मानसिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके लिए टीम इंडिया के दरवाजे जरूर खुलेंगे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आईपीएल विश्वकप 2027 की टीम का रास्ता जरूर तय करेगा मगर मंजिल तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को हर मोर्चे पर खुद को साबित करना होगा

बीते आठ मार्च को टी-20 क्रिकेट विश्वकप का खिताब बरकरार रखने में सफल हुई भारतीय टीम का फोकस अब आगामी एकदिवसीय विश्वकप 2027 है तो वहीं 28 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाली है। खेल जगत से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा जोरों पर है कि टी-20 फाॅर्मेट में खेली जानी वाली इस लीग से टीम इंडिया की वनडे विश्वकप 2027 की टीम तय होगी। खबरों के अनुसार इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सिलेक्शन कमेटी ने 20 खिलाड़ियों को शाॅर्टलिस्ट किया है। अजित अगरकर की अगुवाई वाली समिति का फोकस इन खिलाड़ियों की फाॅर्म और फिटनेस पर रहेगा।

बीसीसीआई सूत्रों की मानें तो सिलेक्टर्स के बीच मैच देखने की जिम्मेदारी बांट दी गई है। चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर मुम्बई में रहेंगे जबकि एसएस दास कोलकाता से मैच देखेंगे। वहीं आरपी सिंह और अजय रात्रा एनसीआर क्षेत्र में मौजूद रहेंगे तो प्रज्ञान ओझा बेंगलुरु और हैदराबाद में मुकाबलों पर नजर रखेंगे। यही नहीं हर चयनकर्ता हफ्ते में कम से कम एक आईपीएल मैच स्टेडियम में जाकर देखेगा ताकि हर सप्ताह पांच मैचों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार हो सके। बाकी मैचों को टीवी के जरिए ट्रैक किया जाएगा। ऐसे में खेल जगत से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर आईसीसी विश्वकप के लिए भारतीय टीम तय होगी? क्या आईपीएल बनेगा वनडे विश्वकप की टीम का आधार? क्या आईपीएल प्रतिभा का सबसे बड़ा मंच है? क्या टी-20 और वनडे में कोई अंतर नहीं रह गया है? क्या अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट से बनेगी टीम इंडिया जैसे तमाम सवाल सुर्खियों में हैं।
खेल विश्लेषकों और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का कहना है कि भारतीय क्रिकेट में आईपीएल सिर्फ एक घरेलू टी-20 लीग नहीं रह गई है बल्कि यह अब टीम इंडिया का भविष्य तय करने वाली सबसे बड़ी लीग बन चुकी है। हर साल इस लीग से नए सितारे निकलते हैं, पुराने खिलाड़ी खुद को फिर से साबित करते हैं और टीम मैनेजमेंट को आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए विकल्प मिलते हैं। जहां तक सवाल है कि आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर विश्वकप 2027 की भारतीय टीम तय होगी का तो यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि क्रिकेट का स्वरूप बदल रहा है। टी-20 की आक्रामकता, तेज निर्णय और फिटनेस के नए मानदंड अब वनडे क्रिकेट में भी उतर चुके हैं। ऐसे में आईपीएल जो दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी टी-20 लीग है, स्वाभाविक रूप से चयन का एक बड़ा आधार बनती जा रही है और टी-20 से वनडे की रणनीति भी बदली है।
पहले माना जाता था कि टी-20 और वनडे क्रिकेट दो अलग-अलग प्रारूप हैं लेकिन अब यह अंतर तेजी से कम हो रहा है। आज के वनडे मैचों में भी 300 रनों का स्कोर सामान्य हो गया है। बल्लेबाजों को आक्रामक खेलना पड़ता है और गेंदबाजों को विविधता के साथ गेंदबाजी करनी होती है। बीसीसीआई भी इस बदलाव को समझ रहा है। चयनकर्ता अब ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो टी-20 की गति के साथ वनडे में भी फिट बैठ सकें। आईपीएल इस लिहाज से एक आदर्श मंच है जहां खिलाड़ी अपनी बहुआयामी क्षमताओं को प्रदर्शित कर सकते हैं। हालांकि यह कहना गलत होगा कि सिर्फ आईपीएल के आधार पर ही विश्वकप की टीम तय होगी। वनडे क्रिकेट की अपनी अलग मांग होती है जहां धैर्य, पारी को सम्भालना और लम्बी रणनीति की जरूरत होती है लेकिन भारतीय टीम के चयनकर्ता अब डेटा एनालिटिक्स, मैच सिचुएशन और खिलाड़ियों की निरंतरता को ध्यान में रखते हैं। आईपीएल उन्हें एक बड़ा सैम्पल साइज देता है जहां वे खिलाड़ियों को विभिन्न परिस्थितियों में परख सकते हैं। यह भी देखा जाता है कि खिलाड़ी बड़े मैचों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। आईपीएल के प्लेआॅफ और फाइनल जैसे मुकाबले इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
कुल मिलाकर आईपीएल निश्चित रूप से आगामी आईसीसी वनडे क्रिकेट विश्वकप की भारतीय टीम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच देता है और चयनकर्ताओं को सही विकल्प चुनने में मदद करता है लेकिन यह भी सच है कि सिर्फ आईपीएल के आधार पर टीम नहीं चुनी जा सकती। अनुभव, तकनीक, मानसिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का चयन माॅडल, अधिक वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगा जिसमें आईपीएल एक महत्वपूर्ण स्तम्भ रहेगा। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके लिए टीम इंडिया के दरवाजे जरूर खुलेंगे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आईपीएल विश्वकप 2027 की टीम का रास्ता जरूर तय करेगा मगर मंजिल तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को हर मोर्चे पर खुद को साबित करना होगा।
गौरतलब है कि आईसीसी वनडे विश्वकप 2027 में अभी समय शेष है लेकिन टीम इंडिया ने इस बड़े टूर्नामेंट के लिए अपनी अंदरूनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। मुख्य कोच गौतम गम्भीर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आईपीएल के बाद तैयारी को नई रफ्तार मिलेगी वहीं अब सामने आ रही खबरें बता रही हैं कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन भविष्य की टीम संरचना पर अभी से गम्भीर मंथन में जुट गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए करीब 20 खिलाड़ियों का एक सम्भावित पूल तैयार किए जाने की चर्चा है जिन पर अगले कुछ महीनों तक बारीकी से नजर रखी जाएगी। माना जा रहा है कि इसी दायरे से आगे चलकर भारत का अंतिम 15 सदस्यीय विश्व कप स्क्वॉड तय होगा।
आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 का आयोजन अफ्रीका की धरती पर होने जा रहा है। इस बार  टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के पास है। कुल 14 टीमें विश्वकप में हिस्सा लेंगी लेकिन सभी को एक ही तरीके से जगह नहीं मिलेगी। विश्वकप में पहुंचने का रास्ता टीमों के लिए अलग-अलग होगा। मेजबान होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधी एंट्री मिलेगी। हालांकि तीसरे मेजबान नामीबिया को मेजबानी के बावजूद सीधे जगह नहीं मिलेगी और उसे क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके अलावा 31 मार्च 2027 तक आईसीसी वनडे रैंकिंग में मौजूद टाॅप-8 टीमें सीधे विश्वकप के लिए क्वालीफाई करेंगी। बाकी बची 4 जगहों के लिए 10 टीमों के बीच एक क्वालिफायर टूर्नामेंट खेला जाएगा जहां से चार टीमें मुख्य टूर्नामेंट का टिकट हासिल करेंगी। 14 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप में 7-7 टीमें होंगी और हर टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से भिड़ेगी। ग्रुप स्टेज के बाद दोनों समूहों से टाॅप-3 टीमें आगे बढ़कर सुपर सिक्स चरण में पहुंचेंगी। यहां प्रदर्शन के आधार पर टीमों की आगे की राह तय होगी।
प्रतिभा का सबसे बड़ा मंच है आईपीएल
आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा और केएल राहुल जैसे कई खिलाड़ियों ने आईपीएल के जरिए ही खुद को साबित किया और टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाई है। आईपीएल की खासियत यह है कि यहां खिलाड़ी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के साथ और खिलाफ खेलते हैं। इससे उनके खेल में निखार आता है और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित होती है। यही कारण है कि चयनकर्ता अब घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल के प्रदर्शन को भी गम्भीरता से लेते हैं।
अनुभवी के लिए चुनौती, युवाओं के लिए सुनहरा मौका
आईपीएल 2024, 2025 और 2026 को यदि ध्यान से देखा जाए तो कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़ और शुभमन गिल जैसे बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं। वहीं गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और रवि विश्नोई जैसे खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं। इन खिलाड़ियों की खासियत यह है कि ये दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं जो किसी भी विश्वकप टीम के लिए बेहद जरूरी है।
दूसरी तरफ आईपीएल अनुभवी खिलाड़ियों के लिए भी एक परीक्षा है। खासकर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को भी हर सीजन में खुद को साबित करना पड़ता है। अगर ये खिलाड़ी आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और चयनकर्ताओं का भरोसा भी कायम रहता है लेकिन अगर प्रदर्शन गिरता है तो युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ता खुल जाता है।
ऑल राउंडर की बढ़ती अहमियत
आधुनिक क्रिकेट में ऑल राउंडर खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। आईपीएल में यह चलन साफ दिखाई देता है। हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देते हैं। विश्वकप 2027 के लिए टीम चयन करते समय ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो मैच के हर पहलू में योगदान दे सकें।
चयन का नया पैमाना, फिटनेस और फील्डिंग
आज के क्रिकेट में फिटनेस और फील्डिंग उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है जितनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी। आईपीएल में खिलाड़ियों को हर मैच में अपनी फिटनेस साबित करनी होती है। रवींद्र जडेजा, रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी अपने शानदार फील्डिंग और फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं जो मैदान पर हर पल सक्रिय रह सकें।
विदेशी खिलाड़ियों से सीख
आईपीएल में दुनिया भर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इससे भारतीय खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों और रणनीतियों को समझने का मौका मिलता है। जोस बटलर, ट्रेविस हेड, डेविड मिलर जैसे अन्य दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने से भारतीय युवाओं को आक्रामक बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की कला सीखने को मिलती है।

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