भीमा-कोरेगांव केस में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी तय नहीं कर सकते, कौन-सी एजेंसी जांच करेगी और कैसे। कोर्ट ने फैसले में कहा कि सभी आरोपी चार हफ्ते तक हाउस अरेस्ट में रहेंगे। भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने पांच नक्सली विचारकों वरवर राव, अर्जुन फरेरा, वरनोन गोंजाल्विस, सुधा भारद्वाज तथा गौतम नवलखा को 29 अगस्त को विभिन्न शहरों से गिरफ्तार किया था। अदालती आदेश पर अभी वे सभी अपने-अपने घरों में नजरबंद हैं। इन पर नक्सलियों से संपर्क रखने का आरोप लगाया गया है।
