कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार पांच कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई के लिए इतिहासकार रोमिला थापर और दूसरों की याचिका पर गुरूवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं, प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता और महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी, हरीश साल्वे और अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद कहा इस मामले में कोर्ट फैसला बाद में सुनायेगा. याचिका में कार्यकर्ताओं की रिहाई के साथ-साथ गिरफ्तारी के मामले की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की बात कही गई है.